-इंजीनियर ने अपने मकान मालिक के बेटे को किया अगवा, 40 लाख की फिरौती मांगी
-पुलिस ने अपहरण करने वाले इंजीनियर को किया गिरफ्तार, बच्चा को सकुशल बरामद किया
-चार घंटे तक कार में बच्चे को लेकर घूमता रहा आरोपी, अपहरण के छह घंटे के बाद पकड़ा गया आरोपी
दिल्ली के रणहौला इलाके में अपना घर बसाने के लिए एक इंजीनियर ने मकान मालिक के सात माह के बेटे को अगवा कर लिया। उसे पैसे की जरूरत थी और उसने बच्चे के माता-पिता से 40 लाख की फिरौती मांगी थी। आरोपी ने गिरफ्तार न होने की हर संभव कोशिश की और बच्चे को टैक्सी में घूमाता रहा, लेकिन चार घंटे की कड़ी मशक्कत और 60 किलोमीटर तक की भागदौड़ के बाद पुलिस ने बच्चे को उत्तम नगर से सकुशल बरामद कर लिया और इस दौरान मौके से भाग चुके आरोपी को रात में ही इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर जांच में जुटी है। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान मोहन गार्डन, रणहौला निवासी प्रियांशु कुमार(24) के रूप में हुई है। वह कानपुर स्थित प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक की पढ़ाई कर चुका है। वर्तमान में साहिबाबाद में एक कंपनी में अप्रेंटिसशिप कर रहा है।
शुक्रवार दोपहर में पुलिस को रणहौला इलाके से सात साल के बच्चे के अगवा होने और उसके परिजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगे जाने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस बच्चे के घर पर पहुंची। उसकी मां शिवि कौशिक ने बताया कि उसके मकान की दूसरी मंजिल पर रहने वाले किराएदार सुरेश कुमार का बेटा प्रियांशु उसके सात माह के बेटे के साथ खेलने की जिद करने लगा।
विज्ञापन
लेकिन उस समय बेटा सो रहा था। प्रियांशु वहीं बैठ गया और उसके जगते ही वह उसे लेकर चला गया। पूरी इमारत में तलाश करने के बाद जब बच्चा नहीं मिला तो उसकी मां ने ओखला के फार्मा कंपनी में काम करने वाले अपने पति सिद्धार्थ को बच्चे के बारे में बताया।
कार्यालय से लौटने के दौरान प्रियांशु ने सिद्धार्थ को फोन कर सहयोग करने और 40 लाख उसके बैंक खाते में डलवाने के लिए कहा। साथ ही पुलिस में शिकायत करने पर बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुधांशु धामा के नेतृत्व में कई टीम गठित की।
पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाया कि आरोपी को लेकर कहां गया है और फिर उसका पीछा करते हुए उसकी कार को पंखा रोड के पास रोक लिया। जहां आरोपी बच्चे को छोड़कर फरार हो चुका था। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद करने के बाद रात में ही आरोपी को भी उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया।
Trending Videos
प्रेमिका के साथ घर बसाने के लिए किया अपराध
शुरूआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कानपुर की एक लड़की से प्यार करता है। उसकी मांगों को पूरा करने के लिए वह लगातार उसे पैसे देता है। अब उसने प्रेमिका के साथ रहने का फैसला कर लिया। वह चाहता था कि उसके पास काफी पैसे आ जाएं जिससे वह दिल्ली से कहीं दूर अपनी प्रेमिका के साथ जाकर बस सके। इसलिए उसने मकान मालिक के बेटे को अगवा करने की साजिश रची और उनसे भारी रकम की मांग की।
चार घंटों तक कार में बच्चे के साथ घूमता रहा आरोपी
तकनीकी छानबीन से पता चला कि बच्चे को अगवा करने के बाद वह चार किलोमीटर पैदल चलने के बाद उत्तम नगर टर्मिनल पहुंचा। जहां से एप आधारित टैक्सी लेकर गाजियाबाद पहुंचा। इस दौरान पुलिस उसके फोन को सर्विलांस पर ले चुकी थी। बच्चे के पिता उससे लगातार चैट पर बात कर उलझाकर रखा था। उसके बैंक खाते में थोड़े थोड़े कर चालीस हजार रुपये डलवाए गए और पैसों का इंतजाम करने की बात कही गई।
ताकि आरोपी संपर्क में रह सके। एक टीम जब आनंद विहार पहुंची तो पता चला कि बसुंधरा में एक युवक बच्चे को लेकर टैक्सी में सवार हुआ। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस लगातार पीछा कर रही थी। इस दौरान पुलिस उत्तम नगर, कौशांबी, आनंद विहार, शाहजहां रोड, ऐरो सिटी और मेहराम नगर के अलावा अन्य जगहों पर गई। पुलिस टीम ने उसे लाजवंती चौक पर घेरने का प्लान बनाया।
चार घंटे के बाद पुलिस ने पंखा रोड के पास कार को रोककर बच्चे को बरामद कर लिया। पुलिस से घिर जाने का अंदेशा होने पर वह पंखा रोड के पास कार से उतरकर फरार हो गया। पुलिस टीम ने उस इलाके में सर्च अभियान चलाया और छह घंटे के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने बच्चे को अगवा करने के बाद अपने पिता को भी फोन किया। उसने बताया कि फिरौती के लिए उसने मकान मालिक के बेटे को अगवा कर लिया है और वह बच्चे के माता-पिता को समझाएं कि वह सहयोग करें और पैसे की तुरंत व्यवस्था करें। लेकिन आरोपी के पिता ने मकान मालिक का सहयोग किया। वह बच्चे के पिता के साथ रहकर उसकी मदद की और आरोपी के खाते में पैसे जमा किए ताकि वह संपर्क में रहकर जल्द से जल्द पकड़ा जाए।
ड्राइवर को बताया भाई का बेटा
आरोपी की कार चला रहे ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि बच्चे के रोने पर जब उसने आरोपी से रोने का कारण बताया तो उसने बच्चे को अपने भाई का बेटा बताया। उसने कहा कि वह बच्चे को अपने भाई के पास ही ले जा रहा है। लगातार घुमाने को लेकर पूछे जाने पर ड्राइवर ने बताया कि आरोपी अकसर कार से नीचे उतरकर फोन पर बात करता था और फिर उसे अन्य जगह पर ले जाने के लिए कहता था।