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अनधिकृत कॉलोनियों में रजिस्ट्री शुरू, 20 लोगों को मालिकाना हक

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों में संपत्ति का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निर्माण भवन स्थित आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दो कॉलोनियों के 20 लोगों को उनके मकान की रजिस्ट्री के दस्तावेज सौंपे। पहली रजिस्ट्री समयपुर बादली की सूरज पार्क कॉलोनी की पिंकी शर्मा को दी गई।
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हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अभी तो शुरुआत हुई है। आने वाले दिनों में यह प्रक्रिया तेज होगी और दिल्ली के सभी लोगों को मालिकाना हक मिलने के बाद ही थमेगी। पुरी के मुताबिक, पहले 20 लाभार्थी रोहिणी विधानसभा क्षेत्र के सूरज पार्क और राजा विहार कॉलोनी के हैं। इन लोगों ने 16 दिसंबर को वेबसाइट लांच होने के साथ ही मालिकाना हक के लिए आवेदन किया था। इसके बाद डीडीए की टीम ने मौके का मुआयना किया। सब कुछ सही होने के बाद डीडीए ने इनको कन्विंस डीड दी। इसके आधार पर इन लोगों की रजिस्ट्री कराई गई। पुरी ने बताया कि अब तक करीब 55-60 हजार आवेदन आ चुके हैं। इनमें से करीब 3,500 लोगों ने सभी जरूरी दस्तावेज जमा करा दिए हैं। अब डीडीए की टीम मौके का मुआयना करने के बाद उनको कन्विंस डीड सौंपेंगी। इसके बाद वे मामूली शुल्क जमा कराकर अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। फिर, जैसे-जैसे दस्तावेज की जांच और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी, वैसे-वैसे मालिकाना हक मिलता जाएगा।
...तो इसलिए सीधे दिया मालिकाना हक
हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि पुराने कानून-कायदों के हिसाब से कॉलोनियों को नियमित किया जाता तो प्रक्रिया पूरी करने में दस साल लग जाते। इससे बचने के लिए सरकार ने नया कानून बनाया। इस कानून से सरकार लोगों को मालिकाना हक पहले दे देगी। बाद में डीडीए कॉलोनियों के पुनर्विकास की विस्तृत योजना तैयार करेगा। रजिस्ट्री कराने के दौरान जो शुल्क जमा होगा, उससे विशेष विकास कोष का गठन कर कॉलोनियों का विकास होगा। उन्होंने बताया कि डीडीए ने अनधिकृत कॉलोनियों के लैंड-यूज में बदलाव किया है। इसके आधार पर मालिकाना हक दिया जा रहा है।
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