यदि किसी के पास अपनी पेट शॉप है या कोई नई पेट शॉप खोलना चाहता है तो उसके लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम की नई पॉलिसी जानना जरूरी है। इसके तहत अब से राज्य पशु कल्याण बोर्ड में पहले पेट शॉप का पंजीकरण कराना होगा, फिर पेट शॉप का लाइसेंस मिल सकेगा।
पशु क्रूरता निरोध अधिनियम-2018 के तहत उत्तरी निगम ने नागरिकों को इसके प्रति सचेत किया है।
ऐसे लोग जो निगम क्षेत्र में बिना लाइसेंस पेट शॉप चला रहे हैं, अब उनके लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। बिना लाइसेंस पेट शॉप चलाने वालों के खिलाफ निगम सख्त कार्रवाई करेगा। उनकी दुकान सील करने के अलावा उनके जानवरों को भी जब्त किया जा सकता है। वेटरनरी सेवा विभाग को इस काम की सख्ती से निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वेटरनरी विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसे लोग जिनके पास पेट शॉप का लाइसेंस है, वह अब दिल्ली राज्य पशु कल्याण बोर्ड में अपना पंजीकरण कराएं। इसके बाद हर साल अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराएं। नए लाइसेंस लेने वालों को भी इसी प्रक्रिया का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
दुकान पर लगेगी क्यूआर कॉपी
पशुओं की खरीद-बिक्री, देखरेख संबंधी सारी बातें नए लाइसेंस में मौजूद रहेंगी। दुकान मालिक को लाइसेंस की एक क्यूआर कॉपी मिलेगी, जिसे वह अपनी दुकान के सामने ऊंचाई पर लगाएगा। लाइसेंसधारी दुकानदार यह भी सुनिश्चित करेंगे कि पशुओं को समय पर एंटी रैबीज टीका लगे।