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Delhi News: नियमों के गंभीर उल्लंघन पर 7 क्लिनिकल ट्रायल एथिक्स कमेटियों का पंजीकरण रद्द

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नियमों के गंभीर उल्लंघन पर 7 क्लिनिकल ट्रायल एथिक्स कमेटियों का पंजीकरण रद्द
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-जांच में कई बड़ी कमियां सामने आईं, जिससे यह माना गया कि ये कमेटियां अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन नहीं कर रही थीं

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने देशभर की सात क्लिनिकल ट्रायल एथिक्स कमेटियों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। जांच में इन कमेटियों की ओर से नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। सीडीएससीओ के अनुसार, इन एथिक्स कमेटियों की जांच नई दवाएं एवं क्लिनिकल ट्रायल (एनडीसीटी) नियम, 2019, गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस (जीसीपी) गाइडलाइंस और अन्य नियामकीय प्रावधानों के पालन की समीक्षा के लिए की गई थी। जांच में कई बड़ी कमियां सामने आईं, जिससे यह माना गया कि ये कमेटियां अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन नहीं कर रही थीं।
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एथिक्स कमेटियों का मुख्य काम क्लिनिकल ट्रायल की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना होता है कि परीक्षण में शामिल लोगों के अधिकार, सुरक्षा और स्वास्थ्य की पूरी तरह रक्षा हो। इन कमेटियों की मंजूरी के बिना किसी भी क्लिनिकल ट्रायल को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। सीडीएससीओ ने बताया कि पंजीकरण रद्द करने से पहले सभी नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। इसमें जांच रिपोर्ट की समीक्षा, संबंधित संस्थानों से सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई (सीएपीए) पर जवाब मांगना, कारण बताओ नोटिस जारी करना और जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देना शामिल था।ऐसे मेंं सीडीएससीओ के अधिकारियों ने कहा कि क्लिनिकल ट्रायल से जुड़े सभी संस्थानों के लिए नियामकीय नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इस कार्रवाई का उद्देश्य क्लिनिकल ट्रायल की पारदर्शिता बनाए रखना और परीक्षण में शामिल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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