नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को क्षत्रिय करणी सेना की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इन्कार कर दिया, जिसमें दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर पर आरक्षण विरोधी प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने को चुनौती दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को नियमित प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया।
क्षत्रिय करणी सेना ने 20 सितंबर को जंतर मंतर पर आरक्षण नीति और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी) विनियम, 2026 के खिलाफ प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। पुलिस ने सुरक्षा, कानून व्यवस्था और यातायात संबंधी कारणों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। संगठन के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि पुलिस का यह फैसला शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का उल्लंघन है। इससे पहले 6 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के कारण अनुमति नहीं मिली थी। कोर्ट के सुझाव पर तिथि बदलकर 20 सितंबर कर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने फिर से अनुमति नहीं दी। ब्यूरो