राजधानी में बीते कुछ दिन से दैनिक संक्रमण के मामलों में भले ही कमी आ रही है, लेकिन अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या नहीं घट रही है। अभी भी कुल सक्रिय मरीजों में से हर पांचवां अस्पताल में उपाचाराधीन है। करीब एक माह से अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या नहीं घट रही है।
दिल्ली में पिछले छह दिन से दैनिक संक्रमितों की संख्या घट रही है। जहां पहले रोजाना औसतन 25 हजार मामले प्रतिदिन आ रहे थे। अब 19 हजार आ रहे हैं। इसके बावजूद अस्पतालों में मरीज कम नहीं हो रहे हैं। इस समय कोरोना के कुल 87,907 सक्रिय मरीज हैं। इनमें से अस्पतालों में 19,838 मरीजों का इलाज चल रहा है।
इस लिहाज से देखें को हर पांचवां संक्रमित अस्पताल में भर्ती है। करीब 50 दिन से रोगियों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर कमलजीत सिंह कैंथ बताते हैं कई लोगों को वायरस खतरनाक तरीके से प्रभावित कर रहा है।
संक्रमित होने के कुछ दिन तक उनकी हालात ठीक रहती है, लेकिन पांचवें से छठे दिन अचानक तबीयत खराब होने लगती है। ऐसे में मरीजों को तुरंत अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। इस समय जो लोग घर पर इलाज करा रहे हैं।
उनमें से भी कई रोगियों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। यही कारण है कि अस्पतालों में रोगियों की संख्या कम नहीं हो रही है। डॉक्टर के मुताबिक, अगले 10 से 12 दिनों तक फिलहाल यही स्थिती बनी रहेगी।