राजधानी में कोरोना टीका लगवाने वालों की संख्या अब तेजी से बढ़ रही है। टीकाकरण अभियान में सोमवार को रिकॉर्ड 27,219 कर्मचारियों को टीका लगाया गया। 21,760 को टीके की पहली और 5459 को दूसरी खुराक दी गई। वैक्सीन लगने के बाद 8 लोगों को हल्के बुखार और दर्द की शिकायत हुई।
इनमें से किसी को भी अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। टीकाकरण अभियान में शिक्षकों को भी वैक्सीन वैक्सीन लगाई गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सोमवार को कुल 306 केंद्रों पर टीकाकरण किया गया। इनमें 216 केंद्रों पर कोवीशिल्ड और 90 पर कोवैक्सिन की खुराक दी गई।
इस दौरान 30,600 लोगों को टीका लगना था। इनमें से 27,219 ने टीका लगवाया। निर्धारित लक्ष्य के हिसाब से 89 फीसदी कर्मचारियों ने टीका लगवाया। वहीं, दूसरी खुराक लेने वाली की संख्या 60 फीसदी से ज्यादा रही। राजीव गांधी अस्पताल के डॉक्टर अजीत जैन ने बताया कि सोमवार से शिक्षकों का भी टीकाकरण शुरू हो गया है।
बड़ी संख्या में शिक्षक टीका लगवाने उनके अस्पताल आए। आलम यह रहा कि 100 कर्मचारियों को कोरोना के खिलाफ टीका लगाने का लक्ष्य सुबह 11 बजे तक ही दो घंटे में पूरा कर लिया गया। इस दौरान किसी भी कर्मचारी में दुष्प्रभाव नहीं देखा गया।
अब मार्च के पहले सप्ताह तक लगेगा टीका
राजधानी दिल्ली में अभी तक तीन लाख 11 हजार से अधिक कोरोना की खुराक दी जा चुकी हैं। इनमें से 2,94,081 लोगों को कोरोना के टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। वहीं 17,329 लोगों को कोरोना की दूसरी खुराक दी जा चुकी है।
राजधानी में टीकाकरण के लिए 2.78 लाख स्वास्थ्यकर्मियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से 1 लाख 42 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना के टीके की पहली खुराक मिल चुकी है। मार्च के पहले सप्ताह तक सभी को टीके की पहली डोज देने का लक्ष्य रखा गया है।