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Delhi : 15 से 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ गैर सहमति से संबंध को दुष्कर्म मानने की सिफारिश

Sun, 06 Nov 2022 04:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने गृह मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें सिफारिश की गई है कि 15 से 18 साल की उम्र की पत्नी के साथ गैर सहमति से यौन संबंध दुष्कर्म और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दंडनीय होगा। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
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home ministry - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने गृह मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें सिफारिश की गई है कि 15 से 18 साल की उम्र की पत्नी के साथ गैर सहमति से यौन संबंध दुष्कर्म और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दंडनीय होगा। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह पोक्सो अधिनियम के बीच की विसंगति को भी दूर करेगा, जो 18 साल तक के किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपराधों और आईपीसी के मौजूदा प्रावधानों पर लागू होता है।

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सूत्रों के मुताबिक, सक्सेना ने गृह मंत्रालय को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 375 के अपवाद 2 को खत्म करने की सिफारिश करते हुए एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें यह प्रावधान है कि अगर 15 से 18 साल के बीच की लड़की की शादी हो जाती है, तो उसका पति उसके साथ गैर-सहमति से यौन संबंध बना सकता है और उसे आईपीसी के तहत दंडित नहीं किया जाएगा। यदि सिफारिशों को स्वीकार लिया जाता है तो 15 से 18 साल की कम उम्र की पत्नी से गैर सहमति से संबंध बनाना दुष्कर्म की श्रेणी में आएगा और आईपीसी के तहत दंडनीय अपराध होगा। 

गृह मंत्रालय के एक पत्र के जवाब में दिल्ली पुलिस और कानून विभाग द्वारा इस आशय का प्रस्ताव पेश किया गया था। गृह मंत्रालय ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक रिट याचिका के आलोक में इस विषय पर दिल्ली सरकार की राय मांगी थी, जिसमें आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 की वैधता को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करती है और पोक्सो अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप भी नहीं है, जो एक बच्चे को 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति के रूप में परिभाषित करता है। 
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चूंकि विषय 'आपराधिक कानून' समवर्ती सूची में है और राज्य / केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लागू किया गया है। इसके दूरगामी परिणामों के आलोक में गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों / केंद्र शासित प्रदेशों से विचार / टिप्पणियां मांगी थीं। 

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