दक्षिण-पूर्व जिले में नौवीं की कक्षा की एक छात्रा ने पड़ोस में रहने वाले किशोर पर उसे अगवा कर रातभर बंधक बनाने और तीन-चार दोस्तों संग सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस सामूहिक दुष्कर्म की बात से इंकार कर रही है।
पुलिस का कहना है कि एक ही लड़के ने दुष्कर्म को अंजाम दिया है। उसे हिरासत में ले लिया गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वह दलित समाज से हैं। आरोपी इलाके के दबंग परिवार का लड़का है। आरोपी के परिजन व समाज के अन्य लोग लगातार पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव डाल रहे हैं। पुलिस मामले की जांच करने की बात कर रही है।
पुलिस के मुताबिक पीड़िता सपना (15) (बदला हुआ नाम) परिवार के साथ दक्षिण पूर्व जिले की एक कालोनी में रहती है। इसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। वह अपनी बुआ व दादी के साथ रहती है। वह पास के सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा है।
आरोप है कि एक दिसंबर को वह अपनी दादी की दवाई लेने घर से निकली थी। इस बीच पड़ोस में रहने वाले किशोर ने उसे बंधक बना लिया। आरोपी डरा-धमका कर उसे पड़ोस के एक मकान में ले गया। वहां आरोपी ने सपना को एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। रात 11 बजे आरोपी वहां पहुंचा और उसने पीड़िता को पीने के लिए पानी दिया। पानी पीकर पीड़िता अपने होश खोने लगी तो आरोपी ने उससे दुष्कर्म किया।
आरोप है कि बेहोशी की हालत में कई लड़कों ने उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। सुबह छह बजे पीड़िता किसी तरह वहां से भागकर अपनी सहेली के घर पहुंची। वहां उसने अपनी सहेली से स्कूल की यूनिफॉर्म मांगी और उसे पहनकर वह स्कूल पहुंची। घर पहुंचने पर उसकी तबीयत बिगड़ी तो बुआ को उसने सारी बात बताई। इसके पुलिस को सूचना दी गई।
तीन दिसंबर को मेडिकल कराने के बाद नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म, अगवा करने समेत अन्य धाराओं में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। मामले की छानबीन के बाद पुलिस अधिकारी एक ही लड़के द्वारा दुष्कर्म करने की बात कह रहे हैं। आरोपियों के धमकाने और समझौते की बात पर भी पुलिस जांच कराने की बात कर रही है।
परिजनों का आरोप है कि एक दिसंबर को वह थाने गए थे तो पुलिस ने सुबह आने की बात कर उन्हें वापस भेज दिया था। परिवार रात भर सपना की तलाश करता रहा। अगले दिन जब वह मिली तो उसने सारी बात परिवार को बताई।