कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी मंत्रालय आपस में तालमेल बनाकर तैयारियां कर रहे हैं। रेल मंत्रालय इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय जहां इसकी रोकथाम समेत अन्य उपाय तलाश रहा है तो रेल मंत्रालय सहयोग के तौर पर स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पीपीई किट तैयार करने में जुटा है, ताकि मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर संक्रमण से बच सकें।
रेल मंत्रालय आइसोलेशन वार्ड के साथ अब पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट्स (पीपीई कवर ऑल) को ज्यादा से ज्यादा संख्या में तैयार करने में जुट गया है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस माह 30 हजार कवर ऑल को रिकॉर्ड टाइम में रेलवे तैयार कर लेगा।
मिशन मोड में काम करते हुए अगले महीने यानी मई में लगभग एक लाख पीपीई को तैयार कर लिया जाएगा। जोनल रेलवे वर्कशॉप में इसका प्रोडक्शन किया जा रहा है। रेलवे का मानना है कि डॉक्टरों समेत तमाम कम्यूनिटी हेल्थ वर्कर्स जो कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में जुटे हैं।
उनके लिए पीपीई कवर ऑल बेहद जरूरी है। संक्रमण से बचाव के लिए इसी का इस्तेमाल होता है। जगाधरी वर्कशॉप में बने प्रोटो टाइप कवर ऑल को पहले ही डीआरडीओ की लैब से गुणवत्ता मानकों पर जांच के बाद मंजूरी मिल गई है। इसके बाद रेलवे मिशन मोड में पीपीई तैयार कर रहा है।