कर्मचारियों ने तेजस को लेकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
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तेजस के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने पर रेलवे कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि तेजस की शुरुआत रेलवे के निजीकरण की दिशा में एक और कदम है। इस दौरान सुरक्षाकर्मी मुस्तैद थे।
यूनियन के डिवीजनल प्रेजीडेंट आलोक प्रकाश ने कहा कि रेलवे देश की जनता के लिए शुरू की गई सेवा है। इसमें ‘नो प्रॉफिट नो लॉस’ के आधार पर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। तेजस जैसी ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद रेलवे कर्मियों के रिटायरमेंट के बाद नई भर्तियां नहीं की जा रही हैं।
ब्रिटेन में सरकार रेलवे को निजी कंपनियों से अपने अधीन कर रही है तो भारत में इसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। यात्रियों को मिलने वाली सुविधा के लिहाज से किराया भी दोगुना लिया जा रहा है। रेलवे कर्मियों ने रिटायरमेंट उम्र और 33 वर्ष की नौकरी पूरी कर चुके कर्मियों का डाटा तैयार करने को भी निजीकरण की दिशा में कदम बताया।
रेलवे स्टेशन पर तिरंगा और प्लाकार्ड के साथ कर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। उन्होंने सरकार से रेल कर्मियों और यात्रियों के हितों का ध्यान रखते हुए पहल करने की मांग की। इस मौके पर उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव बीसी शर्मा और प्रेजीडेंट सोमनाथ मालिक भी मौजूद थे।