फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब: सिद्धू को उपमुख्यमंत्री या प्रचार समिति का प्रधान बनाने पर कैप्टन सहमत, अगले हफ्ते होगी आलाकमान से बात

Sun, 04 Jul 2021 11:11 AM IST
शाहरुख खान एजेंसी, नई दिल्ली

सार

कैप्टन को विश्वास में लेने के बाद ही आलाकमान अंतिम फैसला लेगा। वहीं, पंजाब कांग्रेस के प्रधान के लिए एक प्रमुख हिंदू नेता और पंजाब सरकार में एक मंत्री, एक पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक सांसद इस पद के लिए सबसे आगे चल रहे हैं। इसके अलावा 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समितियों को अंतिम रूप दिया जाना है। 
 
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लंच डिप्लोमेसी के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पार्टी की राज्य इकाई में चल रहे संकट को हल करने के लिए अगले हफ्ते दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से मिलने की तैयारी कर रहे हैं। कैप्टन सिद्धू को उपमुख्यमंत्री या प्रचार समिति का प्रधान बनाने पर सहमत हैं। 
विज्ञापन


कैप्टन को विश्वास में लेने के बाद ही आलाकमान अंतिम फैसला लेगा। वहीं, पंजाब कांग्रेस के प्रधान के लिए एक प्रमुख हिंदू नेता और पंजाब सरकार में एक मंत्री, एक पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक सांसद इस पद के लिए सबसे आगे चल रहे हैं। इसके अलावा 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण समितियों को अंतिम रूप दिया जाना है। 

मुख्यमंत्री के एक करीबी ने जानकारी दी है कि अगले हफ्ते होने वाली मुलाकात में नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश इकाई में समाहित करने और पार्टी के संकट को समाप्त करने के फार्मूले पर कैप्टन और शीर्ष नेतृत्व के बीच चर्चा होगी। हालांकि बैठक की अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है। 
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस के मौजूदा प्रधान सुनील जाखड़ को बदला जाना तय है। कैप्टन ने लंच डिप्लोमेसी के जरिये खुलेआम अपने पत्ते फेंटते हुए संकेत दिया था कि एक हिंदू नेता को राज्य में पार्टी का नेतृत्व करने का मौका दिया जाना चाहिए। वहीं, सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी देने की चर्चाएं चल रही हैं। कैप्टन और शीर्ष नेतृत्व की बैठक के बाद चीजें साफ होंगी। 
विज्ञापन

आंतरिक संकट पार्टी के सामने एक चुनौती 

एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पंजाब कांग्रेस का संकट कैप्टन बनाम सिद्धू नहीं है। अधिकांश विधायक मुख्यमंत्री की कार्यशैली से खुश नहीं हैं। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में मतदान होना है और आंतरिक संकट पार्टी के सामने एक चुनौती बन चुका है। विधानसभा चुनाव में कुछ महीने बाकी हैं। 

पार्टी राज्य में नेतृत्व बदलने का कड़ा कदम उठाने की स्थिति में नहीं है। आलाकमान ने संकट हल करने के लिए तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दी हुई है। कैप्टन को काम करने के लिए 18 सूत्री एजेंडा दिया गया है। 

इस बीच मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ अन्य नेताओं को भी जगह दी जाएगी। वरिष्ठ नेता ने कहा कि एक सामान्य वर्ग के उपमुख्यमंत्री के साथ एक दलित उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति का फॉर्मूला भी विचाराधीन है। 

सिद्धू ने रखा था अपना पक्ष
सप्ताह की शुरुआत में नवजोत सिद्धू ने नई दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। इससे पहले पंजाब कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी दिल्ली पहुंचकर चार दिन तक राहुल गांधी के साथ मैराथन बैठकें की थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें