कल्बे जवाद के आह्वान पर देशभर में अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं। मंगलवार को अमेरिकी दूतावास के सामने शिया समुदाय के लगभग 200 लोगों ने प्रदर्शन किया। इन्होंने ‘या हुसैन’ लिखी चादर फैलाकर सड़कों पर पैदल मार्च निकाला।
इनमें महिलाएं और बच्चे भी थे। प्रदर्शन अमेरिकी दूतावास से नीति मार्ग की ओर बढ़ा तो पुलिस नेे रोका और लोगों को स्थानीय पुलिस थाने ले गई। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। इसमें 145 पुरुष और 31 महिलाएं थीं।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मोहसिन नकवी ने कहा कि जनरल सुलेमानी ने दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस से मुकाबला किया था। लोग कहते थे कि सीरिया, इराक और ईरान से आईएसआईएस को 30 साल तक खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन उन्होंने इसे तीन साल में खत्म कर दिया।
अमेरिका नहीं चाहता था कि आईएसआईएस कभी खत्म हो। इसकी आड़ में वह ईरान और सीरिया में टिका हुआ था। इसके खात्मे के बाद उसने जनरल को मौत के घाट उतार दिया। अमेरिका की इस हरकत के बाद खाड़ी देश उसके खिलाफ एकजुट हैं। प्रदर्शन के दौरान ‘खून का बदला खून सेे लेंगे’ और ‘अमेरिका-इस्राइल मुर्दाबाद’ के नारे लगाए गए।
हिंदू संगठनों और अकालियों ने घेरा पाक उच्चायोग
पाकिस्तान में गुरुद्वारे पर हमले के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की अगुवाई में कई हिंदू संगठनों नेे मिलकर पाकिस्तानी दूतावास का घेराव किया। कार्यकर्ता भारी संख्या में लोग पाकिस्तान उच्चायोग के सामने जमा हो गए थे। भीड़ बढ़ती देख पुलिस ने लोगों को वहां से हटाने का प्रयास किया।
इसके बाद प्रदर्शन और बढ़ने लगा। इसके बाद पुलिस लोगों को हिरासत में लेकर स्थानीय थाने ले गई। बाद में उन्हें रिहा कर दिया। इसके बाद शिरोमणि अकाली दल (मास्टर तारा सिंह) के अध्यक्ष जसविंदर सिंह मलसिया के नेतृत्व में भी पाकिस्तानी उच्चायोग का घेराव किया गया।