दिल्ली के अस्पताल में बिजली आपूर्ति ठप होने की वजह से सभी मरीजों की आफत आ गई। उन्हें आनन-फानन दूसरे अस्पताल रेफर करना पड़ा। शुक्रवार देर रात तक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं भी ठप रहीं।
भीषण गर्मी के कारण दिल्ली में बिजली की मांग बढ़कर 7070 मेगावाट तक पहुंच गई है। डिस्कॉम अधिकारियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार देर रात बिजली की मांग बढ़ गई, जो मई में अब तक सर्वाधिक है। दिल्ली के इतिहास में यह चौथा साल है, जब बिजली की चरम (पीक) मांग 7,000 मेगावाट को पार कर गई है।
राज्य लोड प्रेषण केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात 11.24 बजे बिजली की मांग 7,070 पर पहुंच गई। शुक्रवार को सर्वाधिक पीक डिमांड 6,943 दर्ज की गई थी, जिसके बढ़ने के बाद देर रात तक 7,000 मेगावाट से अधिक होने की संभावना है। इससे पहले चरम मांग 10 जुलाई, 2018 में पहली बार 7,000 मेगावाट के स्तर को पार कर 7,016 मेगावाट पर पहुंच गई थी। 2019 में दो जुलाई को 7,409 मेगावाट दर्ज हुई, जो अब तक सर्वाधिक है। 2020 में यह 7,000 मेगावाट को पार नहीं कर सकी, लेकिन 6314 मेगावाट पर पहुंच गई। 2021 में दो जुलाई में दिल्ली में बिजली की मांग सर्वाधिक मांग 7,323 मेगावाट थी।
अधिकारियों ने कहा कि इस साल बिजली की अधिकतम मांग 8,200 मेगावाट है। बीएसईएस के एक प्रवक्ता ने कहा कि बीआरपीएल और बीवाईपीएल में बिजली की अधिकतम मांग मई में अब तक की सर्वाधिक है।