गरीब छात्रों को मिलेगी 100 फीसदी छात्रवृत्ति
- सरकारी स्कूलों से पास होने वाले विद्यार्थियों के लिए दिल्ली सरकार ने की घोषणा
किसको मिलेगी कितनी स्कॉलरशिप
- 1 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवार के विद्यार्थियों को 100 फीसदी
- 2.5 लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवार के छात्र-छात्राओं को 50 फीसदी
- 2.5 लाख से 6 लाख रुपये वार्षिक आमदनी वाले परिवार के विद्यार्थियों को 25 फीसदी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए अपना पिटारा खोल दिया है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों के पास आउट होने वाले छात्र-छात्राओं की आगे की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप शुुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत अलग-अलग आय वर्ग के विद्यार्थियों को 25 से लेकर 100 फीसदी की स्कॉलरशिप देने की बात कही गई है। दिल्ली सरकार ने प्रतियोगी परीक्षा के लिए भी तैयारी कराने की योजना शुरू करने की घोषणा की है।
शनिवार को उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने त्यागराज स्टेडियम में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में यह घोषणा की। सम्मान समारोह में 90 फीसदी व उससे अधिक नंबर लाने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों, अध्यापकों, और प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी उपस्थित थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीते साल दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 500 थी जो इस वर्ष बढ़कर 1000 हो गई है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने 94.2 फीसदी रिजल्ट लाकर 21 साल के रिकॉर्ड को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि इस देश में पैदा होने वाले प्रत्येक बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए चाहे वह किसी भी वर्ग से आता हो।
दिल्ली के विश्वविद्यालय में पढ़ने वालों को ही मिलेगी छात्रवृृत्ति
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिस परिवार की सालाना आय 6 लाख से कम लेकिन 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है और उस परिवार का छात्र दिल्ली के किसी विश्वविद्यालय में पढ़ रहा हो तो उसे 25 फीसदी स्कॉलरशिप मिलेगी। यदि परिवार की सालाना आमदनी ढाई लाख रुपये से कम है और एक लाख रुपये से ज्यादा है तो फीस का 50 फीसदी स्कॉलरशिप मिलेगी। जबकि आय एक लाख रुपये से कम होने पर फीस का सौ फीसदी स्कॉलरशिप के रुप में मिलेगा।
10वीं और 12की बोर्ड फीस भरेगी सरकार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 10वीं और 12वीं के छात्रों को सीबीएसई बोर्ड के लिए 1500 रुपये की फीस देनी पड़ती है। सरकार ने फैसला किया है कि अगले साल से सरकारी स्कूलों के सभी छात्रों की यह फीस सरकार भरेगी।
जेईई व नीट की तैयारी की व्यवस्था की जाएगी
मनीष सिसोदिया ने कहा कि राज्य सरकार स्कूली बच्चों के लिए जेईई और नीट की तैयारी के लिए व्यवस्था करेगी। साथ ही स्नातक छात्रों के लिए यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की भी व्यवस्था की जाएगी।
सरकारी स्कूलों से पास होने वाले ले सकेंगे 10 लाख का कर्ज
सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से निर्देश हैं कि बच्चे में प्रतिभा है तो पैसे की तंगी के कारण पढ़ाई नहीं छूटनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों को दस लाख तक का लोन देगी। सरकारी स्कूल से पास होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी यह लोन ले सकेगा। इसमें टयूशन फीस, हॉस्टल का खर्चा, कंप्यूटर खरीदने का खर्चा, किताबें खरीदने का खर्चा शामिल है। यह लोन 15 साल में चुकाया जा सकेगा।