पुलिस दिल्ली समेत यूपी, हरियाणा, हिमाचल, पंजाब और राजस्थान से चोरी हुए वाहनों का कुछ ही समय में पता लगा लेगी। साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि वाहन का इश्योरेंस हुआ है या नहीं। दिल्ली पुलिस ने प्रयोग के तौर पर व्हीकल स्कैन सिस्टम अपने कुछ जिलों में लागू कर दिया है। इस सिस्टम को जिपनेट से जोड़ा गया है। जल्दी ही इस सिस्टम को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जोड़ा जाएगा।
इससे देशभर में चोरी हुए वाहनों को तुरंत पता लगाया जा सकेगा। इस सिस्टम से जांच में भी आसानी होगी। जहां पहले वाहन को चेक करने में 10 से 20 मिनट का समय लगता था अब कुछ ही सेकंड में चेक हो जाएगा। इससे जाम भी नहीं लगेगा।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने कुछ जिलों व थानों में व्हीकल स्कैन सिस्टम लागू किया जाएगा। यह दिल्ली पुलिस की एक तरह की एप है। इस एप को सभी पुलिसकर्मियों को अपने मोबाइल में लोड करना होगा। पुलिस मुख्यालय से पुलिसकर्मियों को एक लिंक भेजा जाता है।
लिंक को लोड़ करने के बाद पुलिसकर्मी को महकमे से मिली आईडी डालनी होगी। इस सिस्टम को पिकेट चेकिंग करने वाले पुलिसकर्मी समेत सभी बीट वालों को लोड़ करना होगा। जांच के दौरान जब पुलिसकर्मी अपने मोबाइल से किसी वाहन की फोटो खींचेगा तो वाहन की पूरी डिटेल उसके मोबाइल पर आ जाएगी। वाहन का मालिक कौन है, वाहन का ओरिजनल नंबर क्या था, वाहन का इंश्योरेंस है या नहीं और वाहन चोरी का है या नहीं आदि। ऐसे में ये तुरंत पता लग जाएगा कि वाहन चोरी का तो नहीं है।
पुलिस उपायुक्त की पहल पर एप विकसित
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दीपक यादव की पहल पर इस एप को विकसित किया गया है। दीपक यादव आईटी के छात्र रहे हैं। पुलिस अधिकारी के अनुसार इस एप को दिल्ली पुलिस की जिपनेट से जोड़ा गया है।
इस जिपनेट से दिल्ली के अलावा, यूपी, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान को जोड़ा गया है। ऐसे में इस व्हीकल स्कैन सिस्टम से छह राज्यों में चोरी हुए वाहनों को चेकिंग के दौरान तुरंत पता लग जाएगा कि वाहन कहां का है और किस राज्य से चोरी हुआ है। इस सिस्टम को दिल्ली पुलिस के उत्तरी व पूर्वी जिले में पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। नई दिल्ली जिले के कनॉट प्लेस, मंदिर मार्ग व संसद मार्ग थाने में लागू कर दिया गया है। इस सिस्टम को ई-बीट बुक से भी जोड़ा गया है।
परिवहन मंत्रालय से भी जोड़ा जाएगा इस सिस्टम को
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस सिस्टम को जल्द ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जोड़ा दिया जाएगा। इससे मंत्रालय का वाहनों का डाटा पर भी इस सिस्टम में आ जाएगा। ऐसे में पूरे भारत में चोरी हुए वाहनों को पकड़ने में काफी आसानी हो जाएगी। साथ ही इस सिस्टम को नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो(एनसीआरबी) से भी जोड़ा जाएगा। ब्यूरो का डाटा भी इस सिस्टम से जुड़ जाएगा।