नई दिल्ली। अदालत ने गणतंत्र दिवस पर लाल किला हिंसा और बर्बरता मामले में कथित रूप से शामिल होने के आरोपी बूटा सिंह को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। अदालत ने कहा कि मामले में आरोपी से पूछताछ जरूरी है। किसान आंदोलन में कथित रूप से सक्रिय भूमिका निभाने वाले आरोपी बूटा सिंह को बुधवार को पंजाब के तरनतारन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम था और वह पांच महीने से फरार चल रहा था।
महानगर दंडाधिकारी शिवली तलवार के समक्ष पेश जांच अधिकारी इंस्पेक्टर पंकज अरोड़ा ने बताया कि जांच के लिए आरोपी को दिल्ली से करीब 500 किलोमीटर दूर तरनतारन ले जाना है। उन्होंने कहा कि कथित साजिश के वित्त पोषण, उसके बैंक खातों में आने वाले पैसों, सोशल मीडिया खातों की जांच, मोबाइल बरामद करने और घटना के समय पहने हुए कपड़े जब्त करने हैं।
इसके अलावा वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज के साथ उसका सामना करने व सह आरोपियों की पहचान करनी है जो उसके साथ सिंघू सीमा से लाल किले के लिए तबाही मचाने और स्मारक तोड़फोड़ में शामिल थे।
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि आरोपी उस उपद्रवी भीड़ का हिस्सा है जिसने पुलिस कर्मियों पर हमला किया, तोड़फोड़ की, सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को भी लूट लिया और लाल किला में भी लूटपाट की। उन्होंने बताया कि एक वीडियो में आरोपी को सह-आरोपी गुरजोत सिंह और गुरजंट सिंह के साथ देखा गया था जिसमें दोनों फ्लैग गार्ड एरिया में धार्मिक झंडा लगाने के बाद मीडिया को इंटरव्यू दे रहे हैं।
उन्होंने कहा जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि वह अपने अन्य सहयोगी के साथ सह-आरोपी इकबाल सिंह के संपर्क में था, जो मुख्य षड्यंत्रकारियों और भड़काने वालों में से एक बताया गया है। वहीं आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है। उसके खिलाफ एक भी ठोस साक्ष्य नहीं है। अदालत ने जांच अधिकारी के आग्रह को स्वीकार कर आरोपी का पांच दिन का रिमांड स्वीकार कर लिया।