नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जामिया नगर हिंसा मामले में बृहस्पतिवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान, स्थानीय नेता आशु खान और जामिया के तीन छात्रों से पूछताछ की। पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान व आशु खान को दूसरी बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था। अपराध शाखा ने दोनों नेताओं से इस बात के सबूत मांगें कि हिंसा वाले दिन वे कहां थे। नेताओं से करीब पौने घंटे जबकि जामिया के तीन छात्रों से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ हुई। पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध में दिल्ली में हुई हिंसा की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा कर रही है। दिल्ली में हुई हिंसा मामले में कुल दस एफआईआर हुई हैं और अब तक 102 लोग गिरफ्तार हुए हैं। हिंसा की जामिया नगर व न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में भी एफआईआर हुई है। इस मामले में पूर्व कांग्रेसी विधायक आसिफ मोहम्मद खान व स्थानीय नेता आशु खान को बृहस्पतिवार को फिर पूछताछ के लिए चाणक्यपुरी स्थित अपराध शाखा के कार्यालय में बुलाया गया थ। आसिफ मोहम्मद खान ने बताया कि अपराध शाखा के अधिकारियों ने उससे सबूत मांगे कि जामिया हिंसा के सामने वह कहां थे। पूर्व विधायक ने बताया कि जामिया नगर हिंसा के समय वह शाहीन बाग में हुए प्रदर्शन में थे। उन्होंने शाहीन बाग में दिए भाषण की रिकार्डिंग दे दी है। इसके अलावा शाहीन बाग से मार्च की सीसीटीवी फुटेज वह कुछ दिनों में अपराध शाखा को सौंप देंगे।
आशु खान ने बताया कि जामिया नगर हिंसा के समय वह जामिया नगर में थे, मगर उन्होंने न तो भड़काऊ भाषण दिया और न ही तोड़फोड़ की। पुलिस ने दोनों के मोबाइल जमा कर लिए हैं। नेताओं ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद मोबाइल देने की बात कही है। इसके अलावा जामिया मिल्लिया इस्लामिया के तीन छात्र अब्दुल बारी, जुनैद अशरफ और राहीम यूसुफ को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि इन छात्रों के नाम एफआईआर में नहीं है। छात्रों से अन्य आरोपियों की पहचान करने के बारे में पूछा गया लेकिन छात्रों ने किसी भी को पहचानने से इंकार कर दिया।