चौेंकिए नहीं, पीएम मोदी ने अपना शतक क्रिकेट के मैदान पर नहीं। बल्कि विदेशी नेताओं से मिलने के मामले में लगाया है। अपने तीन साल के शासन में पीएम मोदी विश्व के करीब 100 से ज्यादा नेताओं से मुलाकात कर चूके हैं।
यदि मोदी के विदेशी नेताओं से मिलने का औसत निकाला जाए तो पीएम बनने के बाद उन्होंने हर माह 3 विदेशी नेताओं से मुलाकात की है। मोदी का यह आंकडा तब है जब विपक्ष उनपर विदेश में रहने का आरोप लगाता रहता है।
मगर सरकार का कहना है कि देश के आर्थिक विकास के साथ विश्व के देशों के साथ भारत का संपर्क और संवाद बढाने के कवायद में पीएम की विशेष सक्रियता रही। आक्रामक विदेश नीति के जरिए मोदी ने विदेश मामलों में ऐसे कई कीर्तिमान बनाए हैें जोकि उन्हें अव्वल होने का दर्जा प्रदान करते हैं।
विदेश मामलों में मोदी हैं फर्स्ट
पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएं
लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान इंडिया फर्स्ट का नारा देने वाले पीएम मोदी ने अपनी विदेश नीति को इस कदर धार दी की वे कई मायनों में फर्स्ट बन गए। मोदी के शासन के तीन वर्ष पूरे होने पर सरकार इन उपलब्धियों को जनता के बीच बखुबी भूनाएगी।
पहली दफे भारत
— 17 वर्षों बाद किसी भारतीय पीएम के रूप में पहली बार मोदी ने नेपाल की द्विपक्षीय यात्रा की
— उनकी श्रीलंका यात्रा 28 वर्षों के बाद भारतीय पीएम की द्विपक्षी यात्रा के रूप में शूमार हुई
— 32 वर्षो के बाद किसी भारतीय पीएम ने यूएई की द्विपक्षी यात्रा की
— पहले और एकमात्र प्रधानमंत्री जिसने 42 वर्ष के बाद कनाडा की यात्रा की
— पहली दफे कोई अमेरिकी राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस परेड का अतिथि बना,2015 के गणतंत्र दिवस परेड में ओबामा हुए थे शामिल
— यूएई के क्राउन प्रिंस भी अपने देश के पहले व्यक्ति थे जोकि इस वर्ष 2017 के गणतंत्र दिवस परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल थे
— अरब देशों के साथ सहयोग के संबंध गहरा करने के लिए पहली दफे भारतीय—अरब मंत्रियों के बीच फ्रेमवर्क के साथ बैठक संपन्न हुई
— पेसीफीक आईलैंड देशों के साथ सहयोग के संबंध स्थापित करने के लिए सहयोग फोरम की स्थापना
— आईएएफएस 3 के जरिए सभी अफ्रिकी देशों की पहली दफे सामूहिक भागीदारी
— ईरान में भारत चाबार पोर्ट करेगा विकसित
— पहली दफे भारत ने एमटीसीआर, मिशाईल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रीजिम का सदस्य बना। इससे देश को उच्च मिशाईल तकनीक खरीदने में आसानी होगी।