उच्च न्यायालय ने मंगलवार को दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को लाजपत नगर के सेंट्रल मार्किट क्षेत्र में बैठने वाले व्यक्तियों के आंकड़े एकत्र करने के लिए सर्वेक्षण करने की अनुमति प्रदान कर दी। यह एक प्रतिबंधित जोन है।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस अदालत के 2017 के फैसले को लागू करने के लिए अधिकारी ड्यूटी वद्घ रहेंगे, जिसके द्वारा उसने दिल्ली पुलिस और एसडीएमसी से लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट से सभी कब्जों को हटाने और क्षेत्र को प्रतिबंधित जोन घोषित करने को कहा था।
क्षेत्र में अधिक अतिक्रमण की स्थिति से बचने के लिए पीठ ने एसडीएमसी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सर्वेक्षण दो सप्ताह के भीतर पूरा हो जाए, ऐसा न होने पर सेंट्रल जोन के उपायुक्त को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा। अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया गया कि दो सप्ताह में सर्वे संपन्न हो सके यह सुनिश्चित किया जाए। सर्वे पूरा होने तक कोई नया हॉकर या वेंडर इस इलाके में न आए।
इसी के साथ अदालत ने फेडरेशन ऑफ लाजपत नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन की उस याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें वार्ड नंबर एक पर अधिकारियों को सर्वे कराने से रोकने की मांग की गई थी।