एक फरवरी, 2020 के बाद वैधता समाप्त होने वाले वाहनों के लिए भी सीएनजी लीकेज टेस्टिंग सर्टिफिकेट 30 सितंबर तक मान्य होंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को जुर्माना नहीं भरना होगा।
कोविड महामारी को देखते हुए वाहनों के दस्तावेजों की वैधता बढ़ाने के बाद दिल्ली सरकार ने सीएनजी लीकेज टेस्टिंग के लिए भी राहत दी है। ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और फिटनेस सहित सीएनजी वाहनों के लिए भी प्रमाण पत्र को 30 सितंबर तक के लिए वैध कर दिया गया है।
विज्ञापन
एक फरवरी, 2020 के बाद वैधता समाप्त होने वाले वाहनों के लिए भी सीएनजी लीकेज टेस्टिंग सर्टिफिकेट 30 सितंबर तक मान्य होंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को जुर्माना नहीं भरना होगा।
सीएनजी वाहनों को हर तीन महीने बाद वाहनों की लीकेज की जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसके लिए टेस्टिंग सेंटर बनाए गए हैं, लेकिन वैधता बढ़ाने से लाखों वाहन मालिकों को राहत मिलेगी। जांच में भी अधिक भीड़भाड़ का सामना नहीं करना होगा।