महापर्व छठ के पहले दिन जहरीले झाग में डुबकी लगातीं वृती
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लोक आस्था के महापर्व की शुरुआत आज हो गई है। व्रतियों ने सोमवार सुबह यमुना नदी में डुबकी लगाकर पर्व की शुरुआत की। इस बीच यमुना में जहरीला झाग बना हुआ है लेकिन लोग आस्था के आगे अपने स्वास्थ्य की बिल्कुल चिंता नहीं कर रहे हैं।
व्रतियों ने कालिंदी कुंज में यमुना नदी में बने जहरीले झाग के बीच डुबकी लगाई। इससे छठ को लेकर प्रशासन की तैयारियों की कलई खुल गई है। व्रती दूसरे दिन खरना की तैयारी भी शुरू करेंगे। भगवान भाष्कर के चार दिनों के इस अनुष्ठान को लेकर राजधानी के कई इलाके गुलजार हो गए है। स्वच्छता के माहौल में पूर्वांचल बाहुल्य क्षेत्र पूरी तरह से छठमय हो गया है।
अनाधिकृत कॉलोनी ही नहीं अपार्टमेंट, फ्लैट्स में रहने वाले पूर्वाचलियों के घरों में छठी मइया के गीतों से भक्ति की बयार बहने लगी है। वैसे पर्व की शुरुआत भले ही आज हो रही है लेकिन दिल्ली में इस मामले पर कई दिन पहले सियासत चल रही है।
भले ही लोग यहां छठ मना रहे हैं लेकिन दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने इस साल भी यमुना तट पर छठ पूजा पर रोक लगा दी है। यमुना के चारों तरफ पुलिस प्रशासन की किलेबंदी भी की गई है। जगह-जगह पुलिस की तैनाती की गई है कि छठ व्रति यमुना किनारे नहीं पहुंच सके। इसके बावजूद आज लोगों ने जहरीले पानी में डुबकी लगाई।
पश्चिमी दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने तो यमुना तट पर त्योहार मनाने पर लगे प्रतिबंध को मानने से ही इनकार कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि छठ पूजा यमुना तट पर ही करेंगे। मुख्यमंत्री रोक सकते हैं तो रोक ले। पूजा करने वह यमुना किनारे ही जाएंगे।