मांगों पर सुनवाई में देरी के विरोध में दिल्ली-एनसीआर के ओला-उबर सहित अन्य टैक्सी चालक मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। द्वारका, ग्रेटर नोएडा, नोएडा सहित दिल्ली-एनसीआर में हड़ताल का असर दिखा, लेकिन दिल्ली के कई हिस्सों में इसका आंशिक असर रहा। कैब नहीं मिलने की वजह से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
कोरोना काल में लगातार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे टैक्सी-कैब यूनियनों के सदस्य मंगलवार को मंडी हाउस के पास इकट्ठा हुए। तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए चालकों ने जैसे ही आगे बढ़ने की कोशिश की, तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकते हुए वापस भेज दिया। बकाया किश्तों की अदायगी के लिए 31 मार्च, 2021 तक की मोहलत, बकाया किश्त पर लगने वाले ब्याज और चालान माफ करने और ओला-उबर कैब के लिए भी सरकार की ओर से किराया तय करने सहित अन्य मांगों को पूरा करने के लिए यूनियनें लगातार सरकार से मांग करती रही हैं।
विरोध दर्ज करवाने के लिए सर्वोदय ड्राइवर्स एसोसिएशन, दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन सहित अन्य यूनियनों के प्रतिनिधि भी पहुंचे। पहले ही हड़ताल की चेतावनी दे चुके कैब एग्रीगेटर्स (ओला, उबर) के साथ काम करने वाले सदस्यों ने अपनी मांगों पर सरकार के रवैये के खिलाफ रोष जताया।
सर्वोदय ड्राइवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह गिल ने कहा कि ईएमआई को आगे बढ़ाने, किराये में वृद्धि सहित टैक्सी चालक लगातार सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं। कोई सुनवाई न होने पर सड़कों पर सभी को उतरना पड़ा। गिल ने कहा कि हड़ताल के कारण ग्रेटर नोएडा, द्वारका, उत्तम नगर सहित दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में कैब के लिए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा।
बढ़ सकती हैं मुश्किलें
कैब नहीं मिलने की वजह से मंगलवार को आईआईटी जेईई की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों, अभिभावकों सहित तमाम यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अगर हड़ताल लंबी चली तो ओला और उबर जैसी कंपनियों की कैब नहीं मिलने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी। कई यूनियनों के सदस्यों का कहना है कि बार-बार सरकार से राहत की गुहार लगाने के बाद भी कोई पहल नहीं की गई है।
वाहन छिनने की चिंता
चालकों को इस बात का भी डर है कि ईएमआई चुकाने में देरी होने पर बैंकों ने वाहन जब्त करना शुरू कर दिया है। किराये में बढ़ोतरी और कमीशन सहित अन्य मांगों को लेकर यूनियन के सदस्यों ने अपनी मांगें दोहराईं।