क्राइम ब्रांच और केंद्रीय एजेंसियों ने आरोपी से लंबी पूछताछ की। हालांकि, पूछताछ के दौरान कोई भी आतंकी एंगल सामने नहीं आया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) के हवाले कर दिया है। अब उसे पाकिस्तान डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नेपाल से भारत में अवैध घुसपैठ
यह पाकिस्तानी नागरिक पुरानी दिल्ली के भीड़-भाड़ वाले इलाके में छिपा हुआ था। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन उसे पकड़ा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है। आरोपी ने नेपाल की सीमा का उपयोग कर भारत में अवैध रूप से प्रवेश किया था। दिल्ली पहुंचने के बाद उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक रेस्टोरेंट में काम करना शुरू कर दिया था। उसकी मां के दिल्ली से जुड़े होने के कारण उसकी पृष्ठभूमि की जांच भी महत्वपूर्ण थी।
पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया शुरू
क्राइम ब्रांच के साथ-साथ कई केंद्रीय एजेंसियों ने इस मामले की गहन जांच की। आरोपी से कई घंटों तक पूछताछ की गई ताकि उसकी मंशा का पता चल सके। जांच एजेंसियों ने किसी भी संभावित आतंकी संबंध की पड़ताल की। हालांकि, अधिकारियों ने पुष्टि की कि पूछताछ में कोई आतंकी एंगल नहीं मिला। अब उसे वापस पाकिस्तान भेजने के लिए एफआरआरओ द्वारा कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।