ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जीटीबी अस्पताल पहुंचाया ऑक्सीजन टैंकर।
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस, दिल की पुलिस, राजधानी में एक बार फिर पुलिस अधिकारी अपने इस वचन पर खरे उतरे। दिल्ली के बड़े अस्पतालों में शुमार जीटीबी अस्पताल में शनिवार को अचानक ऑक्सीजन संकट गहराने लगा। सरकार की ओर नियुक्त नोडल अधिकारी ने तुरंत दिल्ली पुलिस से मदद मांगी। बताया गया कि ऑक्सीजन के दो टैंकर मोदीनगर, गाजियाबाद से अस्पताल आने हैं। इस जानकारी पर फौरन दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया। एक टीम को मोदीनगर भेजकर एक टैंकर को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर महज एक घंटे में अस्पताल पहुंचवाया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यहां पर 700 मरीज भती हैं। समय पर ऑक्सीजन नहीं आती तो मरीजों की जान को खतरा हो सकता था।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त साथिया सुंदरम ने बताया कि शनिवार सुबह जीटीबी अस्पताल के नोडल अधिकारी विक्रम सिंह ने पुलिस से मदद मांगी। उन्होंने बताया कि मोदीनगर के ऑक्सीजन प्लांट से दो टैंकर आने हैं। तुरंत जिला पुलिस ने डीआईजी गाजियाबाद और एसपी देहात से संपर्क किया। यूपी पुलिस की ओर से भी मदद का आश्वासन दिया गया। इसके बाद एक टीम को जीटीबी एंक्लेव से तुरंत मोदीनगर के लिए रवाना कर दिया गया। इस बीच रास्त में यूपी पुलिस की टीम भी मिल गई। इसके बाद यूपी और दिल्ली पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया और टैंकर छोटे रास्ते से अस्पताल पहुंचवाया। जीटीबी अस्पताल के एमडी डॉ. आरएस रौतेला ने दिल्ली पुलिस की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि खाकी पर उनका भरोसा और बढ़ गया।
इन अस्पतालों में भी पहुंचवाई मदद
. लाजपत नगर स्थित आईबीएस अस्पताल को बृहस्पतिवार को छह ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करवाए, तब वहां 40 मरीज भर्ती थे
. शुक्रवार को भी आईबीएस अस्पताल ने ऑक्सीजन खत्म होने पर मदद मांगी। बदरपुर से लाजपत नगर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर छह सिलिंडर पहुंचाए
. ओम विहार के गांधी अस्पताल में पुलिस ने मुंडका से ऑक्सीजन के पांच सिलिंडर मंगाकर पहुंचवाए, अस्पताल ने डाबरी थाना पुलिस से मदद मांगी थी
. मोहन गार्डन पुलिस ने द्वारका के तारक अस्पताल में मुंडका से ऑक्सीजन लाकर पहुंचवाई, इसमें मुंडका पुलिस की भी मदद ली गई
. नजफगढ़ थाना पुलिस ने आकाश अस्पताल को 19 ऑक्सीजन सिलिंडर और अग्रसेन अस्पताल को 38 सिलिंडर मुहैया कराए
. सिविल लाइंस थाना पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के संत परमानंद अस्पताल को 71 ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराए। 40 सिलिंडर बवाना और 31 मुंडका से मंगाकर मरीजों की जान बचाई