दिल्ली के ऑक्सीजन ऑडिट के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक पैनल ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने गलत फॉर्मूले का इस्तेमाल किया और कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर के चरम के दौरान ऑक्सीजन के लिए अतिरंजित दावे किए।
पैनल ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि दिल्ली ने शीर्ष अदालत में किस आधार पर 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग की। ऑडिट के लिए एकत्र किए गए डेटा में घोर त्रुटियां थीं।
एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया की अध्यक्षता वाले इस पैनल में जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुबोध यादव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के प्रमुख सचिव (गृह) भूपिंदर एस भल्ला, मैक्स अस्पताल, दिल्ली के संदीप भूधिराजा और पेसो के संजय कुमार सिंह शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने छह मई को पैनल का गठन किया था।
पैनल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली सरकार के 1140 मीट्रिक टन की वास्तविक खपत के दावे में भारी विसंगति पाई गई है। 1140 मीट्रिक टन की खपत का दावा करना 289 मीट्रिक टन की वास्तविक खपत से चार गुना अधिक थी।