एफटुपी (फ्रॉड टु फोन) नेटवर्क से अब तक 1.15 करोड़ रुपये के मूल्य के 1100 मोबाइल फोन और करीब 25 लाख रुपये नकदी जब्त की गई है और कम से कम 25 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
चार राज्यों की पुलिस के संयुक्त प्रयासों से साइबर अपराध में संलिप्त एक गिरोह के सदस्यों के पास से 86 लाख रुपये के 870 से अधिक नए मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा इकाई एफकार्ड की पहल के बाद साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई। एक अधिकारी ने बताया कि लगातार प्रयासों की बदौलत धोखाधड़ी करने वाले इस नेटवर्क का पता लगाया गया।
अधिकारी ने बताया कि एफकॉर्ड द्वारा शुरू एक ऐप साइबर सेफ के जरिए सूचना मिलने के बाद मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस की छानबीन में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए और उनके पास से 86 लाख रुपये के 872 मोबाइल फोन तथा 15.15 लाख रुपये नकदी जब्त की गई।
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एफटुपी (फ्रॉड टु फोन) नेटवर्क से अब तक 1.15 करोड़ रुपये के मूल्य के 1100 मोबाइल फोन और करीब 25 लाख रुपये नकदी जब्त की गई है और कम से कम 25 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
एफकार्ड द्वारा विकसित ऐप साइबर सेफ अगस्त 2019 से संचालित हो रहा है। यह 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में थानों समेत कानून लागू करने वाली तीन हजार एजेंसियों के साथ वित्तीय कंपनियों से जुड़ा है। जैसे ही कोई व्यक्ति जालसाजी की सूचना पुलिस को देता है साइबर सेफ पर इसकी सूचना दी जाती है और धन के लेन-देन के बारे में सूचित किया जाता है। इस ऐप पर अब तक 65 हजार जालसाजी की सूचना दी गई है और जालसाजों के 55 हजार फोन नंबर और हजारों बैंक खाकों की पहचान की गई है।