राजधानी में संक्रमितों की संख्या के साथ अस्पतालों में भर्ती रोगियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही हैं। आलम यह है कि इस समय हर पांचवा संक्रमित मरीज अस्पताल में उपचार करा रहा है। पिछले साल मार्च में कोरोना की शुरुआत के बाद ऐसा पहली बार है जब अस्पतालों में मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार का भी मानना है कि संक्रमण की इस लहर में गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा है।
दिल्ली में इस समय कोरोना के कुल करीब 1 लाख सक्रिय मरीज हैं। इनमें से 19,243 अस्पतालों में भर्ती हैं। इस लिहाज से देखें तो हर पांचवा संक्रमित अस्पताल में इलाज करा रहा है। इनमें से 15 हजार मरीज ऑक्सीजन स्पोर्ट पर और करीब चार हजार आईसीयू में है। पिछले करीब एक माह से अस्पतालों में रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 29 मार्च को कुल 1468 मरीज अस्पतालों में थे, अब इनकी संख्या बढ़कर 19,243 हो गई है। इस हिसाब से देखें तो एक महीने में 17 हजार से ज्यादा रोगी भर्ती हुए हैं।
अपोलो अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार का कहना है कि इस बार का वायरस तीन से चार दिनों में ही मरीज के फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में मरीजों में ऑक्सीजन की कमी हो रही है और उनकी गंभीर होती जा रही है। यही कारण है कि दिल्ली में अस्पताल भर रहे है कोविड केयर केंद्र खाली हैं। उन्होंने कहा कि इस समय अगर हल्का भी बुखार और खांसी है तो खुद को संक्रमित मान कर आइसोलेट हो जाना चाहिए।
एक माह में अस्पतालों में ऐसे बढ़े मरीज
तारीख अस्पतालों में मरीज
29 मार्च 1468
4 अप्रैल 4033
8- 7437
12- 6,940
16- 11,268
20- 16,418
24- 18,063
28- 19,243
नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं और 28 अप्रैल तक के हैं।