मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि बीते 70 सालों में विनिर्माण क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया गया। आज इसके लिए युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है। केजरीवाल शनिवार को नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बोल रहे थे। बकौल अरविंद केजरीवाल, एक तरफ चीन बॉर्डर पर ललकार रहा है और दूसरी तरफ भारतीय बाजार में अपने उत्पाद बढ़ाता जा रहा है। अगर सभी सरकारें एक साथ कोशिश करें तो विनिर्माण क्षेत्र में भारत चीन को पीछे छोड़ सकता है।
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री का ध्यान भारत और चीन के विनिर्माण की सीमाओं व खूबियों की तरफ खींचा। साथ ही सुझाव दिया कि अगर केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारें मिलकर के देश भर में मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएं। इसमें आयात के विकल्प और निर्यात के लिए बहुत बड़े स्तर पर उद्यमियों को टैक्स आदि से जुड़ी रियायतें दी जाएं। इससे देश के अंदर सस्ता माल बन सकेगा। इसके बाद बड़े पैमाने पर अतिरिक्त रोजगार पैदा होने के साथ अपना देश चीन समेत दूसरे देशों को पीछे छोड़ देगा और जीडीपी में भी सुधार होगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश का युवा आगे आने के लिए तत्पर है। इसलिए स्टार्टअप को हमें बहुत बड़े स्तर पर बढ़ाने की जरूरत है। इससे न सिर्फ स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवा रोजगार देने वाले बन जाएंगे। इसके दौरान उन्होंने युवाओं से मुलाकात के दौरान के अपने अनुभव भी साझा किया। साथ ही उम्मीद जताई कि सभी सरकारे मिलकर के इसके ऊपर कुछ ठोस निर्णय लेंगी और ठोस कदम उठाए जाएंगे।