फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक साल केजरीवालः साल भर लड़ी कोरोना से लड़ाई, मजबूत हुआ ढांचा, मिले दो नए अस्पताल

Mon, 15 Feb 2021 05:12 PM IST
पूजा त्रिपाठी परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

- दिल्ली सरकार का एक साल पूरा, महामारी की चुनौती के बावजूद दिल्ली वालों को मिले दो अस्पताल
- दिल्ली को मिले 700 से ज्यादा वेंटिलेटर, जांच निगरानी में बजट भी खूब किया खर्च
- मोहल्ला क्लीनिक का 365 करोड़ बजट भी कोरोना में ही लगा
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई साल भर से लड़ रही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तीसरी सरकार का एक वर्ष पूरा हो चुका है। देश में इकलौती दिल्ली ने संक्रमण की तीन लहरों का सामना किया। कोरोना वायरस से लड़ते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र में कई अहम बदलाव दिखे।

विज्ञापन


सबसे पहले दिल्ली वालों को दो बड़े बुराड़ी और आंबेडकर नगर अस्पताल की सौगात मिली, जहां सबसे पहले कोरोना संक्रमित मरीजों को उपचार दिया गया। वहीं, दिल्ली के अस्पतालों में 700 से ज्यादा नए वेंटिलेटर अब तक शुरू हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण की जांच और मरीजों की निगरानी में सरकार का अब तक 600 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का बजट खर्च हो चुका है। 

दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 स्वास्थ्य क्षेत्र को 13.3 फीसदी बजट आवंटित किया। इसमें नए अस्पतालों के निर्माण के लिए 726 करोड़ रुपये रखे गए। एक हजार मोहल्ला क्लीनिक खोलने के लिए अलग से 365 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई। वहीं, बिस्तरों की क्षमता 10 से बढ़ाकर 26 हजार तक करने की योजना बनाई गई। साथ ही दिल्ली में प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना और हेल्थ बिल को लेकर भी घोषणा की गई थी लेकिन कुछ ही दिन बाद लॉकडाउन लगने के चलते इनमें से कुछ योजनाओं पर काम नहीं हो सका।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की लड़ाई में स्वास्थ्य का बजट सबसे ज्यादा खर्च हुआ है। हालांकि इसी साल 15 जनवरी तक केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली को 651.46 करोड़ रुपये की सहायता भी मिली है लेकिन सीमित संसाधन होने के बावजूद भी बुनियादी सेवाओं से ध्यान नहीं हटाया गया। कोविड काल में ही बुराड़ी और आंबेडकर नगर अस्पताल को शुरू किया गया।

विज्ञापन

कोविड की चुनौती से निपटी दिल्ली

विभाग के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में पीपीई किट, एन 95 मास्क, वेंटिलेटर, दवाएं, आइसोलेशन की व्यवस्था इत्यादि पर काफी खर्च हुआ है। केंद्र सरकार से अब तक उन्हें 20.42 लाख एन 95 मास्क, 9.11 लाख पीपीई किट और 64.8 लाख एचसीक्यू दवा की गोलियां उपलब्ध कराई थीं जिनका वितरण भी हो चुका है। इनके अलावा जांच के लिए अलग अलग तरह की 13 मशीन, 2.64 लाख आरएनए किट, 3.20 लाख वीटीएम, 6.62 लाख आरटीपीसीआर किट्स भी उपलब्ध कराई गई थीं।

एक झटके में पूरी हुई 15 साल की मांग
दिल्ली लंबे समय से अस्पतालों में वेंटिलेटर की कमी झेल रही है। पिछले 15 वर्ष से यह समस्या देखने को मिल रही है जिससे निपटने के लिए चार वर्ष पहले दिल्ली सरकार ने 125 वेंटिलेटर की खरीदी थी। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते यह मांग एक झटके में काफी हद तक दूर हो गई। केंद्र की ओर से दिल्ली को 763 वेंटिलेटर दिए जाने पर सहमति हुई। यह सभी वेंटिलेटर अस्पतालों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। हालांकि इनमें से वर्तमान में 756 वेंटिलेटर का उपयोग किया जा रहा है। सात वेंटिलेटर को शुरू करने का काम अभी भी बचा है।

ये दो सौगात सबसे पहले मिलेंगी
. दिल्ली वालों को सालाना पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ, जुलाई 2021 तक यह लागू हो सकती है। 
. प्रत्येक व्यक्ति का हेल्थ रिकॉर्ड बनाने के लिए ई हेल्थ कॉर्ड पहली बार दिल्ली में मिलेगा, अगस्त 2021 तक यह लागू हो सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें