राजधानी में महिलाओं पर होने वाले अपराध में करीब 22 फीसदी की कमी आई है। सिर्फ दो फीसदी मामले ऐसे हैं, जिनमें आरोपी महिला का अपरिचित था। अन्य मामलों में महिलाएं अपने परिचित या फिर परिवार के सदस्य और रिश्तेदार की हवस की शिकार हुई हैं।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2019 में जहां दुष्कर्म के 2168 मामले दर्ज किए गए थे वहीं, इस साल 1699 शिकायतें दर्ज की गईं। इस साल दर्ज 44 फीसदी मामलों में आरोपी महिलाओं के परिवार के सदस्य हैं या फिर पारिवारिक दोस्त हैं। 14 फीसदी आरोपी उसके रिश्तेदार हैं। 26 फीसदी ऐसे आरोपी हैं जो किसी न किसी रूप में महिला से परिचित थे। 12 फीसदी आरोपी महिला के पड़ोसी रहे और दो फीसदी आरोपी महिला के सहकर्मी हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि दर्ज मामलों दो फीसदी ही ऐसे मामले थे, जिसमें आरोपी पीड़िता का परिचित नहीं था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष दर्ज दुष्कर्म के 22.42 फीसदी मामले ऐसे हैं जिसमें आरोपी और पीड़िता लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रहे थे और शादी नहीं करने पर पीड़िता ने आरोपी पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करा दिया।
महिलाओं पर होने वाले अन्य अपराधों में कमी आई है। महिलाओं का शोषण, अपहरण और उनके अपमान में कमी आई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस साल नाबालिगों पर होने वाले अपराध में भी कमी आई है। वर्ष 2019 में जहां पॉक्सो के तहत 109 मामले दर्ज किए गए थे वहीं, इस वर्ष 65 मामले सामने आए।
महिलाओं पर होने वाले अपराध...
| अपराध |
2019 |
2020 |
| दुष्कर्म |
2168 |
1699 |
| शोषण |
2921 |
2186 |
| अपहरण |
3672 |
2938 |
| अपमान |
495 |
434 |
| पॉक्सो के मामले |
109 |
65 |