नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में शनिवार को पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के मामले में रविवार को भी कोर्ट में गहमागहमी का माहौल रहा। अपराध शाखा की एसआईटी जांच के लिए कोर्ट परिसर पहुंची। इस दौरान क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी सतीश गोलचा भी जांच का जायजा लेने कोर्ट पहुंचे। पुलिस ने कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। फोरेंसिक टीम ने भी मौका-मुआयना किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में दिल्ली पुलिस के एएसआई कांता प्रसाद को निलंबित किया गया जबकि पवन कुमार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
झड़प के बाद से अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। लोकल पुलिस के अलावा अतिरिक्त पुलिस बल की एक कंपनी को भी तैनात किया गया है। बलवे के बाद उत्तरी दिल्ली के सब्जी मंडी थाने में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। उनके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और एफएसएल रिपोर्ट की अहम भूमिका होगी। मामला संवेदनशील होने के कारण एसआईटी फूंक-फूंककर कदम रख रही है। रविवार को पुलिस ने घायल पुलिसकर्मियों और वकीलों की सूची भी बनाई। अब इन सबके बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस चश्मदीदों की भी तलाश कर उनकी लिस्ट तैयार कर रही है। दूसरी ओर वकीलों ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके चैंबर में घुसकर भी तोड़फोड़ की है। वकीलों ने एसआईटी को उसका मुआयना भी कराया। उधर, कोर्ट लॉकअप के गेट को जो नुकसान पहुंचाया गया था उसकी मरम्मत करा दी गई।
ये है मामला
शनिवार को तीस हजारी कोर्ट में कार पार्क करने को लेकर वकील और पुलिस आपस में भिड़ गए थे। बवाल में पुलिस की गोली से एक वकील घायल हो गया था। उसके बाद वकीलों ने जमकर हंगामा कर आठ जेल वैन में तोड़फोड़ कर दी थी। 13 बाइक और पुलिस की एक क्यूआरटी जिप्सी में आग लगा दी गई थी। घटना के बाद से वकील काफी गुस्से में हैं।