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वेतन के मुद्दे पर दिल्ली सरकार व डीयू शिक्षक संघ आमने-सामने

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नई दिल्ली। डीयू से संबद्ध दिल्ली सरकार के सौ फीसदी वित्त पोषित 12 कॉलेजों में शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन मामले में सरकार व शिक्षक एक बार फिर से आमने-सामने आ गए हैैं। बीते दिनों उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इन कॉलेजों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। दिल्ली शिक्षक संघ ने वेतन न मिलने पर 21 अगस्त को विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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उल्लेखनीय है कि बीते कई दिनों से दिल्ली सरकार व डीयू के बीच इन कॉलेजों में प्रबंध समिति के गठन को लेकर चल रहे टकराव के कारण शिक्षक व कर्मचारी पिस रहे हैं। इस टकराव के कारण बीते तीन माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा कि यदि सरकार अपने 12 कॉलेजों के लिए पर्याप्त अनुदान जारी नहीं करती तो 21 अगस्त को प्रदर्शन होगा।
डूटा का कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा पूरी तरह वित्त पोषित 12 कॉलेजों में से नौ में प्रबंध निकायों का गठन कर दिया गया है। तब भी सरकार ने पर्याप्त अनुदान जारी नहीं किया इस कारण से कर्मचारियों को मई से ही वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। डूटा अध्यक्ष राजीब रे ने उपमुख्यमंत्री के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इन कॉलेजों के लिए आवश्यक अनुदान जारी नहीं करने की यह एक और चाल है।
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संघ के उपाध्यक्ष डॉ आलोक रंजन पांडेय ने बताया कि दिल्ली सरकार भ्रष्टाचार की बात कर रही है, पिछले 6 सालों से वे सत्ता में हैं, उन्हें यदि लगता है कि भ्रष्टाचार हुआ है और ऑडिट कराना आवश्यक है तो इन्होंने पहले ही ऑडिट क्यों नहीं कराया। उन्होंने उपराज्यपाल से भी निवेदन किया है कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत दिल्ली सरकार को अनुदान जारी करने के लिए यथाशीघ्र आदेश दें।
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