किसानों ने देश के अलग अलग शहरों में सोमवार को कॉरपोरेट व निजीकरण विरोधी दिवस के तौर पर मनाया। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी के खिलाफ ट्रेड यूनियन और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने रेलवे स्टेशनों पर हड़ताल की और प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे।
विडियो मैसेज के जरिये संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार परिषद के 46 वें सत्र के संबोधन में संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि किसान तीन केंद्रीय कानूनों का विरोध कर रहे हैं जो संयुक्त राष्ट्र के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के कामगारों के अधिकारों की घोषणा का उल्लंघन है। भारत इस अंतर्राष्ट्रीय घोषणा पत्र का एक हस्ताक्षरकर्ता है।
मेवात में महापंचायत
मेवात के सुनेहड़ा-जुरेहड़ा बॉर्डर पर शहीद हसन खान मेवाती के शहादत दिवस पर किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। शुरुआत से ही आंदोलन में सहयोग कर रहे मेवात के किसानों ने आगे भी सहयोग जारी रखने की बात कही। मेवात के राजा हसन खान मेवाती बाबर की सेना से लड़ते हुए 15 मार्च 1527 के दिन शहीद हुए थे। यह लड़ाई इस क्षेत्र की कुर्बानी बयान करती है। राजा के साथ मेवात के हजारों लोग भी इस लड़ाई में शहीद हुए थे।
19 को पंजाब में मानकों के निर्धारण के बदलाव का विरोध करेंगे किसान
19 मार्च को पंजाब में बटाईदार किसानों के एतिहासिक संघर्ष की याद में मुजारा लहर शहादत दिवस पर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान, फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से की ओर से खरीद व गुणवत्ता मानकों के निर्धारण में किए बदलाव के खिलाफ किसान विरोध जताएंगे। यह बदलाव खरीफ विपणन सीजन 2021 के लिए एफसीआई की ओर से तय किए जा रहे हैं। मोर्चा ने इसे खरीद तंत्र को खत्म करने और पंजाब के किसानों को दंडित करने के लिए भारत सरकार की सुनियोजनित रणनीति का नाम दिया है।