राजधानी में करीब 1700 से अधिक निजी स्कूलों ने नर्सरी दाखिले के लिए पहली सूची जारी कर दी। पहली सूची में अधिकतर बच्चों की सीट घर से स्कूल की दूरी, टीकेकी दोनों खुराक व पूर्व छात्र वाले मानक ने ही दिलाई। ऐसे भी अभिभावक रहे जिन्होंने 15 से 20 स्कूलों में आवेदन किया लेकिन उनके बच्चे का किसी स्कूल की सूची व प्रतीक्षा सूची में नाम नहीं आया। कई स्कूलों ने नोटिस बोर्ड तो कुछ ने ऑनलाइन सूची जारी की। स्कूलों में सूची देखने व दाखिला फॉर्म लेने के लिए अभिभावक भी पहुंचे।
राजधानी में अधिकतर स्कूलों की जारी पहली सूची में पड़ोस(नेबरहुड) मानक ने अहम भूमिका निभाई। स्कूलों की विभिन्न स्कूलों की सूची में देखने में आया कि मानकों में पचास से अधिक अंक वाले ही दाखिला सूची में जगह बना पाए। आवेदन प्र क्रिया केदौरान देखने में आया कर अभिभावकों ने औसतन 20-30 स्कूलों में आवेदन किया था। ऐसे में स्कूलों में सीटों की संख्या के तिगुने आवदेन हुए।
विद्या बाल भवन स्कूल में दूरी और अभिभावकों की टीके की दोनों खुराक केकारण बच्चे को ज्यादा अंक मिले। स्कूल ने टीकेके लिए 20 अंक, दूरी के लिए चालीस अंक और भाई-बहन के लिए 10 अंक तय किए थे। इस तरह से दाखिला सूची में 60-70 अंक वालों को जगह मिली है। कई अभिभावकों को नहीं पता कि उनके बच्चे का दाखिला सूची में नाम क्यों नहीं आया।
15-20 स्कूलों में किया आवेदन, नंबर नहीं आया
एक अभिभावक ने बताया कि उन्होंने 20 से अधिक स्कूलों में आवेदन किया था लेकिन पहली सूची में कहीं नाम नहीं आया। अब उन्हें असमंजस है कि उनके बच्चे का दाखिला कैसे होगा। प्रतीक्षा सूची में भी नाम नहीं है। अब दूसरी सूची में दाखिला हो सकेगा या नहीं इस बात की भी गारंटी नहीं है। अगले साल उम्र अधिक होने के कारण केजी में दाखिला नहीं हो सकेगा।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि किसी स्कूल में दाखिला नहीं होने से अभिभावक परेशान हैं। उन्हें परेशान होने की जरुरत नहीं हैं अभिभावकों को दूसरी सूची का इंतजार करना चाहिए। अभी कई ऐसे अभिभावक ने जिनकेबच्चे का नाम तीन से चार स्कूल में आ गया है। ऐसे में वह अपनी बाकी की सीट छोड़ेंगे। इसकेबाद दूसरी सूची और प्रतीक्षा सूची में दाखिले की संभावना बनी रहती है। अभिभावकों को प्रतीक्षा सूची केसाथ अन्य सूची का इंतजार करना चाहिए।