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Delhi News: जेएनयू में अब कुलपति कहलाएंगे कुलगुरु

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-कुलगुरु शांतिश्री डी पंडित ने कार्यकारी परिषद में प्रस्ताव लाकर लगाई मुहर
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-परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने सभी डिग्रियों और पत्राचार पर कुलगुरु शब्द के प्रयोग करने के दिए आदेश

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में बड़ा बदलाव किया गया है। अब वहां कुलपति कुलगुरु कहलाएंगे। जेएनयू ने शैक्षणिक दस्तावेजों (डिग्री व अन्य प्रमाणपत्र), व अन्य पत्राचार के लिए कुलगुरु शब्द के प्रयोग करने का यह ऐतिहासिक फैसला किया है। कुलगुरु शांतिश्री डी पंडित ने कार्यकारी परिषद में प्रस्ताव लाकर इस फैसले पर मुहर लगाई है। वहीं परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने भी सभी डिग्रियों और पत्राचार पर कुलगुरु शब्द के प्रयोग करने के आदेश दिए हैं।

बीते दिनों जेएनयू के कुलपति प्रो शांति श्री धुलिपुड़ी पंडित ने कार्यकारी परिषद की बैठक के दौरान इस संबंध में प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव के अनुसार विश्वविद्यालय के सभी डिग्री, प्रमाणपत्रों व पत्राचार के लिए कुलगुरु शब्द का इस्तेमाल किया जाए। कुलपति की सोच है कि यह शब्द संस्कृत में सटीक और लैंगिक दृष्टि से भी ठीक है। यह शब्द शैक्षणिक प्रमुख को ज्ञान देने वाले गुरु के रूप में दर्शाता है। जेएनयू के अधिकारी के अनुसार इस फैसले को लेकर लंबे समय से विचार किया जा रहा था। तब बैठक में कुलपति ने इस शब्द के प्रयोग का प्रस्ताव रखा।
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जेएनयू के अनुसार कुलपति की जगह कुलगुरु का बदलाव जेंडर न्यूट्रल भाषा को बढ़ावा देने के लिए है जो समावेशिता और समानता को दर्शाता है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मिल चुकी है मंजूरी

वहीं राजस्थान सरकार ने फरवरी में प्रस्ताव पारित किया था कि कुलपति की जगह कुलगुरु शब्द का इस्तेमाल हो। इसे मार्च में मंजूरी मिल चुकी है। वहीं मध्य प्रदेश में जुलाई 2024 की मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया जा चुका है।


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