दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज अब नजदीकी आवासीय कालोनियों में काम करने वाली घरेलू सहायिकाओं के सपनों को भी उड़ान देगा। साथ ही, इनके बच्चे भी अपना सपना साकार करेंगे। डीयू नार्थ कैंपस के कॉलेज में उनका कौशल विकास किया जाएगा।
इससे वह अपना रोजगार खुद कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार द्वारा प्रमाणित कोर्स करने का मौका मिलेगा। इस कोर्स के लिए 18-40 साल के लोग आवेदन कर सकेंगे। यह सुविधा डीयू के मिरांडा हाउस कॉलेज में मिल रही है। पूरे तीन महीने तक कौशल विकास कार्यक्रम चलेगा। पूरा कोर्स मुफ्त और सरकार प्रमाणित कोर्स होगा।
इन्हें मिलेगा दाखिला
स्कूल ड्रॉप आउट 18-40 आयु वर्ग के लोगों के लिए प्रोग्राम बनाया गया है। दाखिले के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और विद्यालय प्रमाण पत्र देना होगा। मिरांडा हाउस कॉलेज में दाखिला 5 मार्च से 10 मार्च तक लिया जा सकेगा। कौशल विकास के तहत ग्रीन बैग बनाने का अवसर मिलेगा। कॉलेज के इस काम में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन मददगार बन रहा है। इससे एसोसिएशन के कार्य क्षेत्र में काम करने वाले घरेलू सहायक व सहायिकाओं व उनके बच्चे कोर्स से जुड़ रहे हैं।
मुखर्जी नगर एसएफएस सोसायटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन व हिंदू कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रचूड़ सिंह ने बताया कि जिन्होंने किसी वजह से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं की है, उनको प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सुविधा दी जा रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज में बिना शुल्क तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए एसोसिएशन सभी सहायिकाओं से दाखिले के लिए दस्तावेज एकत्रित कर रहा है।
ताकि कोई आत्मनिर्भर बनने से वंचित न रहे : प्रोफेसर हेना
मिरांडा हाउस की प्रोफेसर डॉ. हेना सिंह का कहना है कि समाज में वैसे लोग जो आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक या किसी अन्य कारणों से आत्मनिर्भरता से वंचित रह गए हों उनके प्रति संवेदनशीलता व सकारात्मक प्रयत्न करने की एक पहल है। इसके अंतर्गत वैसे व्यक्तियों के लिए जिन्होंने किसी कारणवश अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं की हो, उनके लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कौशल विकाश व आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत उन्हें तीन महीने के लिए मिरांडा हाउस कॉलेज में बिना शुल्क तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।