यमुनापार के व्यस्ततम चौराहों में शामिल शास्त्री पार्क और सीलमपुर चौक पर बने दोनों फ्लाईओवर शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता को समर्पित कर दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अब आईएसबीटी से यूपी बॉर्डर तक का सफर 10 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। ईमानदार सरकार में दिल्ली की जनता के 53 करोड़ रुपये बचा लिए हैं। इस फ्लाईओवर को बनाने के लिए 303 करोड़ का बजट था, लेकिन इसे केवल 250 करोड़ रुपये में बना लिया गया। पहले सरकारी परियोजना में बचने वाला रुपया नेताओं की जेब में रिश्वत के तौर पर चला जाता था, परंतु दिल्ली सरकार परियोजना में बचे रुपयों को दिल्ली के लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं, दवाइयां और शिक्षा मुहैया करा रही है।
केजरीवाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों ने भी पूर्वी दिल्ली के लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। हमेशा सौतेला व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा...‘मैं मुख्यमंत्री बनने से पहले पूर्वी दिल्ली में ही रहता था। इसलिए मैं यहां की समस्याओं से वाकिफ हूं। पहले यहां लोगों को बहुत तकलीफ होती थी। लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे, लेकिन अब आईएसबीटी से यूपी बॉर्डर तक का सफर 10 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इस बीच कोई रेड लाइट भी नहीं होगी।
इस अवसर पर मौजूद लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि पहले भी दिल्ली में कई फ्लाईओवर बनते रहे हैं, लेकिन उन्हें पूरा होने में कई साल लगते थे। उन्होंने आजाद मार्केट फ्लाईओवर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह नगर निगम द्वारा बनाया गया है। इसे बनने में करीब 10 साल लग गए, जबकि इसे बनाने में 700 से 800 करोड़ रुपये लागत आई थी। वहीं, पीडब्ल्यूडी ने इन दोनों फ्लाईओवर को केवल डेढ़ साल में पूरा कर दिया है।
फ्लाईओवर के पास बनेगा चिल्ड्रन पार्क
सत्येंद्र जैन ने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने फ्लाईओवर के निरीक्षण के दौरान लूप के बीच में खाली जगह पर चिल्ड्रन पार्क बनाने का निर्देश दिया था। अब यहां चिल्ड्रन पार्क भी विकसित किया जा रहा है। इससे पहले इंडिया गेट पर ही चिल्ड्रन पार्क हुआ करता था, लेकिन अब इस फ्लाईओवर के नीचे भी आसपास के लोग चिल्ड्रन पार्क का आनंद उठा सकेंगे।
इतना लगा समय
फ्लाईओवर को बनाने के लिए 10 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आधारशिला रखी थी। इसे पूरा करने के लिए 18 महीने का लक्ष्य था। अक्तूबर 2019 तक काम तेजी से चला, लेकिन प्रदूषण की वजह से कार्य पर रोक लग गई। इसके बाद दिसंबर में फिर कार्य शुरू हुआ, लेकिन रात के समय कार्य करने पर पाबंदी थी। 2020 में मार्च में कोरोना की वजह से काम प्रभावित हुआ। शास्त्री पार्क पर बना फ्लाईओवर छह लेन वाला फ्लाईओवर है। इसकी लंबाई 700 मीटर है। इसमें दो लूप भी बनाए गए हैं, जबकि सीलमपुर में तैयार किया गया फ्लाईओवर दो लेन वाला है और इसकी लंबाई 1200 मीटर है।