एक सवाल पर डॉ. अरुण शर्मा ने कहा कि अभी तक इस बात के वैज्ञानिक सबूत नहीं मिले हैं कि कोरोना से किसी इंसान के शरीर में आमाश्य पर कोई असर पड़ता है। हालांकि इतना जरूर है कि खराब या कमजोर पाचन क्रिया से बुजुर्गों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने यहां तक कहा है कि लोगों को इस वक्त समझदारी की जरूरत है। टीका शरीर में वायरस के खिलाफ रक्षा कवच तैयार करता है। आमतौर पर इसे बनाने में सालों लग जाते हैं लेकिन हमारी किस्मत अच्छी है कि यह समय पर मिल गया। अब इसे लेकर तरह तरह की बातें करना गलत होगा।
70 फीसदी आबादी को टीका लगना जरूरी
एक सवाल पर डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि हर्ड इम्यूनिटी को लेकर अब तक सही आंकड़ें सामने नहीं आए हैं लेकिन माना जा सकता है कि अगर 60 से 70 फीसदी आबादी को टीका लग जाए तो हर्ड इम्यूनिटी बन सकती है और वह कोरोना वायरस के खिलाफ काम करेगी। हालांकि भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश के लिए 70 फीसदी लक्ष्य को हासिल करना छोटी चुनौती नहीं है। कुछ लोगों का सोचना है कि कोरोना टीका लेने के बाद दूसरे टीका लेने में बाधा आ सकती है। जबकि ऐसा नहीं है। कोरोना का टीका लेने से अन्य किसी टीका में बाधा या अड़चान आने के अब तक कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसलिए लोग (खासतौर पर स्वास्थ्य कर्मचारी) को आगे आना चाहिए और समझदारी का परिचय देना चाहिए।