मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने धन संग्रह कार्यक्रम का आयोजन किया
- फोटो : अमर उजाला
अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए मुस्लिम समाज भी आगे आ रहा है। सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हुए दिल्ली का मुस्लिम समाज सहयोग कर रहा रहा है। दिल्ली के हरियाणा भवन में आयोजित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच पर सहयोग राशि देने के लिए कई मुस्लिम आगे आए हैं।
इनमें जामिया, हमदर्द, जामिया मिलिया इस्लामिया, जेएनयू, दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत कई संगठनों के लोगों ने सहयोग राशि दी। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए दिल्ली के हरियाणा भवन में मुसलमानों के धन संग्रह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुस्लिमों ने स्वयं सेवक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार को सहयोग राशि सौंपी। इस मौके पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण सामाजिकता और समरसता के पहलुओं का समावेश है।
कहा कि भारत की खास पहचान उसकी एकता, अखंडता, तहजीब और भाईचारे में है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देश का मुस्लिम समाज भी एक भारत सशक्त भारत के लिए प्रतिबद्ध है।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत के करोड़ों मुसलमान के लिए यह कार्यक्रम रौशनी होगी। नये हिंदुस्तान को सजाने के लिए रास्ता होगा। कोई सच्चे मुसलमान को यह नहीं कह सकता कि वह हिंदुस्तानी नहीं है। आप सब हिंदुस्तानी थे, हिंदुस्तानी हैं और हिंदुस्तानी रहेंगे। अभी तक यह बताया गया कि हिंदू धर्म का अपमान करो तो मुसलिम वोट देगा।
धर्म की खिलाफत करने पर ही वोट मिलता था जबकि यह भारत के मूल संविधान की आस्था व रूह को जख्मी करने वाला है। भारत को अब इसे खत्म कर देना चाहिए। हमारे मजहब में कई फिरके हैं। छुआछूत खत्म होना चाहिए। हिंसा खत्म होनी चाहिए। प्यार व भाईचारा होना चाहिए। हम भारत के 135 करोड़ लोग हैं।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है इसलिए पहला धनसंग्रह का कार्यक्रम यहां किया गया। अब मंगलूरू, हैदराबाद, मुंबई, जयपुर, मध्यप्रदेश समेत हर जगह इस तरह के कार्यक्रम होंगे। तीन हजार से अधिक मुसलिम कार्यकर्ता इससे जुड़ चुके हैं।
नागरिकता संशोधन कानून पर कहा कि यह कानून दुनिया में नहीं है। इस कानून का मानवीय पक्ष भी है। हम दुनिया के किसी देश का गिरेबां पकड़ सकते हैं। सभी को जीने की सुविधा देंगे। नागरिकता छीनने का कानून नहीं बल्कि जिन पर जुल्म हो रहा है उनको नागरिकता देने वाला कानून है।