गफ्फार मार्केट की एमसीडी बिल्डिंग के 75 दुकानदारों को उत्तरी नगर निगम ने दुकानें खाली करने का नोटिस दे दिया है। लेकिन दुकानदार दुकानें खाली करने के मूड में नहीं हैं। उनका कहना है कि जबतक उन्हें दूसरी जगह दुकानें नहीं दी जाएंगी, वह दुकानें खाली नहीं करेंगे। 28 जुलाई को इस मामले में निगम और दुकानदारों के बीच महत्वपूर्ण बैठक होनी है।
निगम का कहना है कि एमसीडी मार्केट पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। 23 जुलाई को उत्तरी निगम ने सभी दुकानदारों को 10 दिन के भीतर दुकानें खाली करने का नोटिस भेजा है। दुकानदारों का कहना है कि एमसीडी मार्केट की बिल्डिंग 1975 में बनी है और 1976 में उन लोगों को 99 साल की लीज पर एलॉट की गई है। केवल 45 साल में ही एमसीडी की यह बिल्डिंग जर्जर कैसे हो सकती है।
एमसीडी मार्केट के अध्यक्ष हरीश चितकारा ने कहा कि वह नगर निगम से मांग कर रहे हैं कि मार्केट की बिल्डिंग की दोबारा जांच कराई जाए। अगर वाकई बिल्डिंग खतरनाक स्थिति में है तो उन्हें आश्वासन दिया जाए कि यहां से हटाने के बाद कहां जगह दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तरी निगम स्टैंडिंग कमेटी ने 16 मार्च 2016 को ही एक प्रस्ताव लाया था कि गफ्फार मार्केट की एमसीडी बिल्डिंग को तोड़ा जाए और इसे फिर से बनाया जाए, इससे रेवेन्यू आएगा। उन्होने कहा कि निगम पहले से इस बिल्डिंग को तोड़ने की योजना बना चुका है।
दूसरी जगह दुकान नहीं मिली तो कहां जाएंगे
- एमसीडी मार्केट में मोबाइल और मोबाइल एसेसरीज की दुकानें हैं, इतने शॉर्ट नोटिस पर हम दुकानें खाली करके आखिर कहां जाएंगे
- तनुज मल्होत्रा, दुकानदार
- कोरोना महामारी में पहले से ही हालत खराब है, अब अगर दुकानें खाली की तो इतनी जल्दी कहां दुकान मिलेगी
- लक्की अरोड़ा, दुकानदार