त्रिलोचन सिंह वजीर (फाइल फोटो)
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नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या की साजिश में शामिल दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन साजिश का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस को अब तक पता नहीं लगा है कि त्रिलोचन सिंह की हत्या क्यों की गई है। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने फरार आरोपियों हरमीत व हरप्रीत के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करा लिए हैं।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के देश छोड़कर भागने की आशंका है। इसलिए उनके खिलाफ लुक आउट कॉर्नर (एलओसी) नोटिस जारी किया गया है। सभी एयरपोर्ट पर इसकी सूचना भेजी गई है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बलवीर सिंह बिल्ला से पूछताछ में कोई खास बात सामने नहीं आई है।
उसने त्रिलोचन सिंह की हत्या की साजिश में शामिल होने की बात कबूल की है। उसने भी यही बताया है कि हरप्रीत की त्रिलोचन की पुरानी रंजिश थी। वर्ष 1983 में हरप्रीत के मामा की हत्या की गई थी। इस वारदात में त्रिलोचन सिंह का नाम सामने आया था। हो सकता है कि हरप्रीत ने इसी रंजिश में त्रिलोचन की हत्या की हो।
अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि त्रिलोचन सिंह को दो-तीन हजार करोड़ रुपये का कॉन्ट्रेक्ट मिलता था। ऐसे में हो सकता कि कारोबारी रंजिश के कारण ही किसी ने सुपारी देकर त्रिलोचन सिंह की हत्या कराई हो। अपराध शाखा के इंस्पेक्टर विजय समारिया की देखरेख में छह से ज्यादा टीमें हरप्रीत व हरमीत को पकड़ने के लिए जम्मू व दिल्ली में दबिश दे रही हैं।