Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने के बाद अरविंद केजरीवाल ने रविवार को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। सोमवार को उनके साथ अन्य मंत्रियों ने भी अपना पदभार संभाल लिया। लेकिन उनके मंत्रिमंडल में कोई महिला मंत्री शामिल नहीं है।
वर्ष 2015 के उनके मंत्रिमंडल में भी कोई महिला मंत्री शामिल नहीं थी। इससे व्यथित भाजपा के एक नेता प्रवीण शंकर कपूर ने कानून में बदलाव कर महिलाओं को मंत्रिमंडल में अनिवार्य रूप से शामिल कराने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है।
प्रवीण शंकर कपूर ने गृहमंत्री को पत्र लिखते हुए कहा है कि ऐसा कोई कानून न होने के बाद भी परंपरागत रूप से देश की हर सरकारें अपने मंत्रिमंडल में उचित रुप से महिलाओं को शामिल करती रही हैं। लेकिन लगातार दो बार से दिल्ली के मंत्रिमंडल में कोई महिला शामिल नहीं है।
देश की राजधानी होने के कारण पूरी दुनिया की निगाह दिल्ली पर रहती है और इसका संदेश दूर तक जाता है। इसलिए दिल्ली के मंत्रिमंडल में एक भी महिला का न होना गलत संदेश देता है। कपूर ने कहा है कि इस गलती को दूर करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 239 में बदलाव किया जाना चाहिए।
ध्यान देने वाली बात है कि आम आदमी पार्टी से इस बार कई महिलाओं ने जीत हासिल की है। कालकाजी सीट से जीती आम आदमी पार्टी नेता आतिशी ऑक्सफोर्ड से पढ़ी हैं और अरविंद केजरीवाल सरकार की शिक्षा व्यवस्था में बड़े परिवर्तन के पीछे उनका अहम योगदान माना जाता है।
उनके अलावा मंगोलपुरी (सुरक्षित) विधानसभा सीट से जीती राखी बिड़लान और शा्लीमार बाग सीट से जीती वंदना कुमारी आम आदमी पार्टी की प्रमुख महिला चेहरा मानी जाती हैं।