दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सर्वे में ये खुलासा हुआ है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने जी-20 सम्मलेन के दौरान जलभराव को रोकने के लिए स्थानीय निकायों से संपर्क साधा हैं। सर्वे के आधार पर सभी एजेंसियों को पत्र लिखा गया है। ट्रैफिक पुलिस ने गृहमंत्रालय को इसकी जानकारी दी है।
राजधानी में सबसे ज्यादा जलभराव रोहतक रोड और एमबी रोड (पुल प्रह्लादपुर अंडरपास) पर होता है। चार वर्ष में यहां 16-16 जगहों पर पानी भर गया था। इसके अलावा वर्ष 2022 में दिल्ली में कुल 207 जगहों पर पानी जमा हुआ था।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सर्वे में ये खुलासा हुआ है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने जी-20 सम्मलेन के दौरान जलभराव को रोकने के लिए स्थानीय निकायों से संपर्क साधा हैं। सर्वे के आधार पर सभी एजेंसियों को पत्र लिखा गया है। ट्रैफिक पुलिस ने गृहमंत्रालय को इसकी जानकारी दी है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सितंबर में जब जी-20 सम्मेलन होगा तो मानसून का मौसम होगा। ऐसे में सड़कों पर पानी जमा होने की संभावना होगी। इस कारण ट्रैफिक पुलिस ने सर्वे करवाया है। इससे ये पता लगा रहा है कि दिल्ली की सड़कों पर कहां जलभराव होता है।
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सर्वे के मुताबिक, हर साल जलभराव के स्थान बढ़ते जा रहे हैं। वर्ष 2022 में ट्रैफिक पुलिस की हेल्पलाइन व सोशल मीडिया पर 132 शिकायतें आईं थीं। वर्ष 2021 में 211 जगहों पर जलभराव व 297 शिकायतें, वर्ष 2020 में 145 जगहों पर जलभराव व 175 शिकायतें और वर्ष 2019 में 82 जगहों पर जलभराव व 112 शिकायतें आईं थीं।
सर्वे से ये भी पता लगा कि रोहतक रोड व एमबी रोड पर सबसे ज्यादा जभराव होता है, जबकि ये दोनों प्रमुख मार्ग हैं। रोहतक रोड पर राजधानी पार्क मेट्रो स्टेशन (दोनों कैरिज्वे) पर वर्ष 2019 में 2 जगह, वर्ष 2020 में 2, वर्ष 2021 में 8 व वर्ष 2022 में चार जगह पर जलभराव हुआ था। इस तरह एमबी रोड पर पुल प्रह्लादपुर अंडरपास में वर्ष 2019 में एक, वर्ष 2020 में 6, वर्ष 2021 में 7 और वर्ष 2022 में दो जगहों पर जलभराव हुआ था।