दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में इस बार उम्मीदवारों को एक लाख का सुरक्षा बॉन्ड नहीं भरना होगा। इस साल एक लाख रुपये के सुरक्षा बॉन्ड भरने के प्रावधान को हटा दिया है। बीते साल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और परिसर में तोड़फोड़ रोकने के लिए एक लाख रुपये का सुरक्षा बॉन्ड लागू किया गया था। मालूम हो कि वर्ष 2024 में सार्वजनिक संपत्ति को पोस्टरों से गंदा करने के लिए कोर्ट ने मतगणना करने पर रोक लगा दी थी। ऐसे में डीयू प्रशासन ने 2025 में एक लाख रुपये का बॉन्ड भरना अनिवार्य किया था।
बीते साल सभी छात्र संगठनों ने इसे अलोकतांत्रिक और छात्रों पर आर्थिक बोझ बताते हुए इसका विरोध किया था। मामला कोर्ट भी पहुंचा था। अब इस साल डीयू प्रशासन ने इस प्रावधान को खत्म कर दिया है। इसकी जगह पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है कि चुनाव के नियमों व आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में उम्मीदवार को अयोग्य भी ठहराया जा सकता है।
कॉलेजों में ईवीएम से मतदान की तैयारी
दिल्ली विश्वविद्यालय इस साल विभिन्न कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य सभी कॉलेजों में मतदान प्रक्रिया में एकरूपता लाना और धीरे-धीरे कागजी मतपत्र व मतपेटियों की व्यवस्था को समाप्त करना है। इससे चुनाव प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और तेज बनाने की उम्मीद है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में लंबे समय से ईवीएम का इस्तेमाल होता आ रहा है। दोनों ही चुनाव एक ही दिन होते हैं। ऐसे में प्रशासन कॉलेजों के चुनाव भी ईवीएम से कराने की तैयारी कर रहा है। मालूम हो कि डूसू चुनाव इस बार 18 सितंबर को होने हैं, जबकि मतगणना 19 सितंबर को होगी और परिणाम भी उसी दिन जारी हो जाएगा। चुनाव के लिए छात्र संगठन और टिकट के लिए ताल ठोक रहे छात्र अपने-अपने स्तर पर प्रचार में लगे हैं। अगले सप्ताह तक छात्र संगठन अपने-अपने संभावित प्रत्याशियों को चुनावी रण में उतारेंगे।