- बिना संवाद किए निभाया राक्षस और राक्षसी का किरदार
- लंका दहन से पहले विदेशी पुरुषों ने किया हनुमान से युद्ध, महिलाएं करती दिखीं अशोक वाटिका में माता सीता की पहरेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। विवेक विहार के डीडीए ग्राउंड में चल रही रामलीला में सोमवार को नाइजीरिया और श्रीलंका से आए कलाकारों ने बिना बोले केवल अपनी तीखी नजरों और हाव-भाव से मंच को जीवंत कर दिया। रावण की सेना में शामिल होकर विदेशी कलाकारों ने सधे हुए कदमों और युद्धक मुद्राओं से रणभूमि सजाई। देखकर दर्शक रोमांच से भर उठे। जैसे ही हनुमान का मंच पर आगमन हुआ पूरा डीडीए ग्राउंड तालियों और जयकारों से गूंज उठा। ऐसा लगा मानो रावण की असली सेना और हनुमान के बीच असली युद्ध हो रहा हो।
लीला की शुरुआत हनुमान के माता सीता के मिलने से हुई। हनुमान जी माता सीता से कहते हैं मुझे भूख लग रही है। तो माता कहती हैं, पुत्र आप बन से कुछ फल खालो। फल खाने के बहाने महाबली हनुमान लंका में उत्पात मचाते हैं और इसे देखकर रावण की सेना से उनका युद्ध शुरू हो जाता है। इसी दृश्य में विदेशी कलाकारों ने अपना योगदान दिया।
इसके अलावा विदेशी महिला कलाकारों ने भी अपने अभिनय से भाव विभोर कर दिया। जब रावण माता सीता को हर कर लाया, तो उसे माता को अशोक वाटिका में रखा गया। जहां माता सीता की देखरेख के लिए पहरेदारी पर तैनात किया गया। भव्य रामलीला समिति के प्रधान सतीश लूथरा ने बताया, कलाकारों ने इस तरह के दृश्य से रामलीला को रोमांचित कर दिया। कलाकारों को देखकर कई बच्चों में डर देखने को मिला। दर्शकों को ऐसा अनुभव मिलेगा, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।