अधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, राजमार्ग पर सीकरी गांव से सीवेज का बहना सुरक्षित वातावरण के नागरिकों के अधिकार को बनाए रखने में अधिकारियों की स्पष्ट विफलता को दिखाता है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सोमवार को हरियाणा सरकार को दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर तीन महीने के अंदर सीवेज के प्रवाह को रोकने का निर्देश दिया है। अधिकरण ने ऐसा करने में विफल रहने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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अधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, राजमार्ग पर सीकरी गांव से सीवेज का बहना सुरक्षित वातावरण के नागरिकों के अधिकार को बनाए रखने में अधिकारियों की स्पष्ट विफलता को दिखाता है। पीठ ने कहा, इस मुद्दे को मीडिया द्वारा उजागर किए हुए एक साल से ज्यादा का वक्त हो गया और अधिकरण ने पिछले साल सात जनवरी को पहला आदेश पारित किया था। यह स्वीकार करना मुश्किल है कि डेढ़ साल से टेंडर का मुद्दा भी तय नहीं हो सका, भले ही मामला इतना अधिक जरूरी है।
पीठ ने कहा, इस प्रकार, इस तरह की गंभीर विफलता और रवैये के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए एक मामला बनता है। हालांकि, अंतिम अवसर के रूप में हम सार्थक उपचारात्मक उपायों के लिए तीन महीने का समय देते हैं, जिसमें विफल होने पर अधिकरण के पास अतिरिक्त मुख्य सचिव, विकास और पंचायत विभाग, हरियाणा के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से आगे बढ़ने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा, जो स्थिति को सुधारने की स्थिति में होने चाहिए। अधिकरण ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, विकास और पंचायत विभाग, हरियाणा को सुनवाई की अगली तारीख 7 दिसंबर को अनुपालन स्थिति के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया।
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अखबार की रिपोर्ट पर लिया संज्ञान
अधिकरण ने एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में प्रकाशित समाचार लेख का संज्ञान लेने के बाद यह आदेश पारित किया। लेख में इस बात पर प्रकाश डाला गया था कि हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सीकरी गांव से सीवेज सर्विस रोड और आगरा-दिल्ली हाईवे पर बह रहा है।