कोरोना माहामारी के चलते आज पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। इसकी मार देश के सभी छोटे बड़े उद्योगों पर पड़ी है। वहीं दिहाड़ी मजदूरों के सामने अब रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। देश में जब से लॉकडाउन लागू हुआ है तब से कई कंपनियां या तो बंद हो गई हैं या फिर बंद होने के कगार पर हैं। कंपनियों को लॉकडाउन की वजह से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा रहा है। ऐसी परिस्थिति में कई कंपिनयों ने अपने कर्मचारियों की या तो सैलेरी में कटौती की है या फिर उन्हें फिलहाल घर बैठने को बोल दिया है।
कई क्षेत्रों में लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं लेकिन उन्हें भी अपनी नौकरी जाने की चिंता सता रही है। ऐसे में समय नेक्सटगिग लोगों को नौकरी दिलाने के क्षेत्र में महत्पूर्ण काम कर रही है। यह एक कम्यूनिटी-आधारित नौकरी दिलाने का सेंटर है। यह लोगों को उनकी स्किल के हिसाब सबसे नौकरी दिलाने में मदद करती है।
नेक्सटगिग को लॉकडाउन और कोरोना के वक्त में लोगों की मदद के लिए एक पहल के तौर पर विकसित किया गया है। इससे अब तक देशभर के अलग-अलग क्षेत्रों से करीब हजारों लोग और कई बड़ी कंपनियां जुड़ चुकी हैं।
इसके संस्थापक रवि और सिद्दकी का कहना है कि ये वैश्विक महामारी दुनिया की अर्थव्यवस्था को भी बुरी तरह से प्रभावित करने वाली है। आने वाले वक्त में नौकरियों की भारी कमी होने वाली है। ऐसे में हमारी पूरी कोशिश है कि हम लोगों को बेरोजगार होने से बचाएं और उनकी स्किल और अनुभव के अनुसार उन्हें नौकरी दिलाने में मदद कर सकें।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्था दो तरीकों से काम करती है। पहला जिन लोगों को नौकरी की जरूरत है हम उनके स्किल और अनुभव के आधार पर उन्हें कंपनियों में काम दिलाने की कोशिश करते हैं। दूसरा जिन कंपनियों को इस कठिन दौर में अपने काम के मुताबिक अनुभवी लोगों की जरूरत है उनकी जरूरतों को समझते हुए उन्हें सही रिसोर्स उपलब्ध कराना।