कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों को अधिक खतरा होने की आशंका जताई जा रही है। इसको देखते हुए सभी अस्पतालों में बच्चों के लिए आईसीयू और बेड की संख्या को बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली एम्स में भी सोमवार से नया मातृ और शिशु ब्लॉक शुरू हो गया है।
इसके शुरू होने से एम्स में अब गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों का और बेहतर इलाज हो सकेगा। 425 बेड के इस ब्लॉक में उन्हें एक छत के नीचे तमाम जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।
एम्स के डॉक्टर का कहना है कि इस प्रोजेक्ट का बहुत दिनों से इंतजार किया जा रहा था, अब जाकर यह पूरा हुआ है। इससे महिलाओं को बेहतर इलाज पाने में सुविधा होगी। एम्स के मस्जिद मोड परिसर में एक साथ कई प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। सबसे पहले यहां पर अंडरग्राउंड पार्किंग बनाई गई।
इसके बाद यहां पर ओपीडी बिल्डिंग बनाई गई, जो जनता की सेवा के लिए शुरू हो चुकी है। आजकल इसी इमारत की आठवीं मंजिल पर कोविड के खिलाफ टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अलावा इस परिसर में 425 बेड का मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक बनाया गया है। 200 बेड का एकसर्जिकल ब्लॉक भी लगभग बनकर तैयार है।