नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने स्पा-मसाज केन्द्रों के बेहतर संचालन के लिए नई लाइसेंस नीति लागू कर दी है। इसके तहत निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्पा व मसाज केन्द्रों में क्रॉस जेन्डर मसाज की अनुमति नहीं होगी। स्पा-मसाज केन्द्रों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग सेक्शन होंगे और सभी केन्द्र सुबह 9 से रात्रि 9 बजे तक खुलेंगे। लाइसेंस जारी करने से पहले स्पा प्रबंधक और मालिक का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। साथ ही सभी ग्राहकों को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र देना होगा।
दक्षिणी निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्पा-मसाज केन्द्रों को लाइसेंस व नवीनीकरण के लिए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। ये केन्द्र व्यावसायिक, स्थानीय व्यावसायिक, अधिसूचित व्यावसायिक, मिक्सड लैंड यूज क्षेत्रों में खोले जा सकते हैं। रिहायशी क्षेत्रों में नए स्पा या मसाज केन्द्र खोलने की अनुमित पहले से नहीं है। लाइसेंस लेने के लिए आवेदक को जरूरी दस्तावेज जैसे कि संपत्ति के मालिकाना हक, किराये का प्रमाण, स्ट्रेक्चर स्टेबेलिटी प्रमाणपत्र, कनवर्जन शुल्क, पार्किग शुल्क, पंजीकरण शुल्क व संपत्ति कर जमा करने का प्रमाण देना होगा।
केन्द्र पर मसाज करने वाले व्यक्ति का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी उपलब्ध कराना होगा। दक्षिणी निगम की स्वीकृति के अनुसार समय-समय पर लाइसेंस शुल्क लागू होगा। स्पा केन्द्र परिसर का न्यूनतम फ्लोर एरिया 900 वर्ग फीट होना अनिवार्य है। साथ ही परिसर की न्यूनतम ऊंचाई 9 फीट तक होगी। मसाज करने वाली टेबल का न्यूनतम क्षेत्रफल 50 वर्गफीट होगा। परिसर हवादार और रोशन होना चाहिए। इसके साथ ही केन्द्रों पर पीने योग्य पानी की उचित व्यवस्था और समुचित साफ-सफाई होनी चाहिए।